भारतीय न्यायपालिका

sohanpal singh
आज समाचारों में माननीय उच्चतम न्यायालय से दो ख़बरें एक बार फिर न्यायपालिका की विश्वशनियता की और एक दृढ़ कदम की ओर इशारा करती हुई दिखाई दी ! पहली उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्य मंत्रियों को मुफ़्त आवास से वंचित करने का आदेश दू जिसके द्वारा 6 पूर्व मुख्य मंत्रियों को सरकारी बंगलों से बेदखल करने का आदेश दिया है । दुसरा आदेश स्वयं मुख्य न्यायधीश ने अपने ही विरुद्ध महाभियोग से जुडी एक जनहित याचिका पर एक 5 जजों की पीठ के गठन की घोषणा की उनका यह साहसिक कदम भारतीय न्यायिक प्रक्रिया में सुद्धता को दर्शाने वाला साहसिक कदम ही कहा जाएगा ! अन्यथा सरकार ने तो उनके लिए कुआँ और खाई दोनों ही खोद दिए है ? एक और सरकार उनके द्वारा विभिन्न उच्च न्यायालयों और स्वयं उच्चतम न्यायालय में न्यायधीशों की नियुक्ति के लिए भेजे गए नामित व्यक्तियों की नियुक्ति नहीं करना और दूसरी ऒर विपक्ष द्वारा मुख्य न्यायधीश के विरुद्ध महाभियोग की प्रक्रिया को हड़बड़ी में निबटा देना जिससे की विपक्ष को उच्चतम न्यायालय में रिट फ़ाइल करने का मौका मिल गया । इससे तो यही लगता है सरकार भी माननीय मुख्य न्यायधीश से पीछा छुड़ाना चाहती है ?
एस०पी०सिंह, मेरठ

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