ऐसे महान है गोपाल कांडा

ओम माथुर
सोशल मीडिया और अखबारों में दिन भर गोपाल कांडा का नाम पढ़ने के बाद कुछ मित्रों ने फोन करके कहा कि इन महान पुरुष का इतिहास तो बताइए ?
हरियाणा में बीजेपी जिन 6 निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ सरकार बनाने की तैयारी कर रही है उसमें सिरसा के विधायक गोपाल कांडा भी शामिल हैं. गोपाल कांडा इस समय अपनी ही कंपनी की एक महिला कर्मचारी गीतिका शर्मा खुदकुशी केस में आरोपी में हैं और उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चल रहा है और वह इस समय जमानत पर बाहर हैं. पुलिस की ओर से दाखिल आरोप पत्र में कांडा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने), धारा 471 (धोखाधड़ी), और उत्पीड़न सहित आईपीसी की कई अन्य धाराएं लगाई हैं. इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 भी लगाई गई हैं. आरोप पत्र में कांडा पर गीतिका का गर्भपात कराने का भी आरोप लगाया गया.
गीतिका (23 वर्ष) की लाश अशोक विहार स्थित अपने घर में फंदे से लटकी मिली थी. उसने अपने सुसाइड नोट में गोपाल कांडा एवं उसकी कम्पनी में काम करने वाली एक अन्य कर्मचारी अरुणा चड्ढा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था. इसके बाद कांडा को गृह राज्य मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था. कुछ सालों बाद गीतिका शर्मा की मां अनुराधा शर्मा ने भी आत्महत्या कर ली. उन्होंने भी अपने पीछे छोड़े नोट में अपनी बेटी की आत्महत्या के लिए गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा को ही जिम्मेदार ठहराया.
53 साल के हो चुके गोपाल कांडा किस्मत उस समय बदली जब जूतों-चप्पलों का कारोबार फेल होने के बाद साल 1998 में वह रियल एस्टेट के बिजनेस में कूदे. 2007 में उनकी कार से 4 वांटेड क्रिमिनल मिले तो केंद्र ने राज्य सरकार से जांच करने को कहा. साल 2009 में गोपाल कांडा ने नेशनल लोकदल की टिकट से विधानसभा का चुनाव लड़ने का फैसला किया. लेकिन उनको टिकट नहीं मिला तो वह निर्दलीय चुनाव लड़कर जीते. उस चुनाव में हुड्डा की अगुवाई में कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला था. तो गोपाल कांडा की किस्मत खुल गई और उन्हें मंत्री बना दिया गया. तब तक उन्होंने साल 2012 में अपनी एयरलाइंस बना ली थी । गोपाल कांडा को अपनी ही एयरलाइंस की एक एयरहोस्टेस का यौन उत्पीड़न करने और उसे आत्महत्या करने के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। एयरहोस्टेस की लाश उसके घर के कमरे में लटकती मिली थी और वहां से जो सुसाइड नोट मिला था उसमें गोपाल कांडा पर कई संगीन आरोप लगाए गए थे।
इस मामले में पुलिस की ओर से दाखिल आरोप पत्र में कांडा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने), धारा 471 (धोखाधड़ी), और उत्पीड़न सहित आईपीसी की कई अन्य धाराएं लगाई हैं। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 भी लगाई गई है। आरोप पत्र में कांडा पर एयरहोस्टेस का गर्भपात कराने का भी आरोप लगाया गया है। इस केस में गोपाल कांडा को जेल भी जाना पड़ा था। साल 2014 में वो जमानत पर बाहर आए थे और इसी साल उन्होंने चुनाव भी लड़ा लेकिन हार गए। साल 2016 में गोपाल कांडा और उनके भाई गोविंद कांडा पर सिरसा में अवैध संपत्ति जुटाने का आरोप लगा था। रोचक बात यह है कि इन कांडा के खिलाफ हरियाणा में भाजपा महिला मोर्चा ने बेटी बचाओ के नाम से जबरदस्त आंदोलन चलाया था लेकिन अब युवा मोर्चा की बहनें भी अब खामोश है?

ओम माथुर

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