dr. j k gargकई शोधकर्ताओं ने बतलाया है कि क्रतज्ञता मनुष्य की मानसिक एव शारीरिक स्वास्थ्य के लिये लाभदायक है | निसंदेह जब हम चीजें या वस्तुयें को लेकर क्रतज्ञ होते है तो ज्यादा खुशी अनुभव करते हैं | सच्चाई यही है कि मुश्किल या विपरीत समय में अन्य लोगों को “ धन्यवाद “देंना हमारे एकाकीपन को बहुत सीमा तक दूर कर सकता है | जिससे हमें सामाजिक जुडाव का अहसास भी होता है जिसके फलस्वरूप हमारे अशांत मन में सद्दभाव और उदारता की भावना पैदा होती है | धन्यवाद दें उन मित्रों-स्वजनों को जिन्होंने आपको कठिन समस्याओं का सकारात्मकता के साथ सामना करने के लिये प्रेरित किया एवं उन्हीं के होंसलाबंदी की वजह से आपको सफलता और विजयश्री मिली थी| धन्यवाद दें उन मित्रों-स्वजनों को जिन्होंने आपको विफलता मिलने के बाद भी सकारत्मक सोच के साथ आगे बढ़ते चल कर आपके लक्ष्यों को हाँसिल करने की प्रेरणा दी जिसकी वजह से आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सके |
डा.जे.के.गर्ग,
सन्दर्भ—मेरी डायरी के पन्ने,संतों के प्रवर्चन |