पोस्ट कोविड के नववर्ष 2021 को खुश हाल बनाने के आसान मूल मंत्र Part 1

dr. j k garg
कोविड 19 मानव इतिहास में विनाशकारी संक्रमण साबित हुआ जिसका टीकाकरण अभी तक कुछ देशों में शुरू ही हुआ है किंतु इसके इलाज की प्रभावकारी दवाई अभी भी मालूम नहीं हो सकी है वहीं इस वायरस के की म्यूटेशन मालूम हो रहें है जो ज्यादा संक्रामक बताये जा रहे है इसीलिए इससे बचाव के लिये SMS यानि {सोशल डीसेटेसिंग 2 मीटर की दूरी ) अच्छी किस्म का मास्क और हाथों को साबुन से धोना अथवा सेनेटाइजर का उपयोग } का नियमितता के साथ पालन करें |

याद रक्खे कि आशाओं का जीवन काल अंनत होता है वहीं दूसरी तरफ निराशा और असफलता का जीवनकाल अल्प एवं छोटा होता है ,निराशा और असफलताओं के निराशाजनक वातावरण में आशा का दीपक जलायें रखें और घनघोर अंधकार मे भी प्रकाश की किरणें की खोज करें |

2.खुशी आदमी के भीतर ही होती है तथा रिलैक्स मन ही प्रगति और खुशहाली का प्रवेश द्वार है| वास्तव में सभी इन्सान और अन्य प्राणी अविनाशी पवित्र और शांती प्रिय आत्मायें हैं और परमपिता परमात्मा की संतान है , उनका कोइ रगं नहीं ना ही कोइ धर्म ना ही कोई लिंग है धर्म का चेहरा तो उनको समाज ने दिया है| | आपस में वैमनस्य फेलाने का काम तो तथाकथित धर्म के ठेकेदार और राजनेता ही करते हैं| बापूजी के भजन ईश्वर अल्लाह एक ही नाम, सबको सन्मति दें भगवान” का अक्षरस पालन करें

डा. जे. के. गर्ग

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