अब गिध्द सेंचुरी खुल रही है : हास्यःव्यंग्य

शिव शंकर गोयल
सुनते है कि अपने उत्तम प्रदेश यानि यूपी में अब गिध्द अभियारण्य यानि गिध्द सेंचुरी खुल रही है. वैसे भी वहां नित नए प्रयोग होते रहते है ताकि जनता का मनोरंजन होता रहे और जरूरी समस्याओं मसलन आर्थिकमंदी, बेरोजगारी आदि की तरफ से लोगों का ध्यान बंट जाये. कुछ समय पूर्व वहां पुलीस ने अपने काम के लिए फिल्म शोलें के हरीराम नाई -केश्टो मुखर्जी- को अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाया था. हरीराम को आप भूले तो नही होंगे न ? अरे ! वही जो अंग्रेजों के टाइम के जेलर –असरानी- का जेल में जासूस हुआ करता था. ,
सेंचुरी बनाने से पहले यह खबरें छपी थी कि गिध्दों की गिनती की जायेगी. इस काम में पहल की अपने समृध्द गुजरात ने. फिर बीडी उठाया मध्य प्रदेश के शिवराज जी ने जिन्होंने पहले तो अपने यहां हैपीनेस डिपार्टमेंट का स्थापना की थी और जहां व्यापमं घोटाला कांड हुआ जिसके गवाह एक के बाद एक मारे जाने लगे तो उन्हें लगा कि उनके यहां पशु गिध्दों की कमी है तो उन्होंने भी अपने यहां उनकी गिनती करवाई. सुनते है कि यही चिंता योगीजी को सता रही है. इधर तो गिध्दों की जाति विलुप्ति के कगार पर है और उधर कुछ लोग गिध्दों जैसी हरकतें कर रहे है.
जगह जगह गिध्द आदमी के भेष में अपने कारनामें किए जा रहे है. मसलन उत्तम प्रदेश के बागपत में श्मशान घाट और कब्रिस्तान से मृतकों के शवों से कफन चोरी कर उन्हें दोबारा बेचने वाले 7 आदमियों के गिरोह का भन्डाफोड हुआ है.
योगीजी के प्रदेश में ही बलिया जिले के रहने वाले लोगो के मुताबिक नरही इलाके के उजियार, कुल्हडिया और भरौली घाट पर कम से कम 52 लाशें बहती हुई दिखाई दी है.
उधर महाराष्ट्र में पिंपरी के पास तलेगांव दाभाडे स्थित मायमर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ बिल का भुगतान न करने पर 3 दिन तक शव देने से इंकार करने का मामला दायर हुआ है.
उनमें से कुछ चेन स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम दे रहे है तो कुछ महिलाओं यहां तककि छोटी 2 बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने से बाज नही आरहे. जगह जगह सीसीटीवी कैमरें लगे होने के बावजूद यह घटनाएं बढ रही है.
आदमी के भेष में कुछ गिध्दों ने यूपी के बागपत में दुष्कर्म की पीडिता के घर पर पोस्टर लगा कर धमकी दी है कि कोर्ट में गवाही दी तो इसका अंजाम उन्नाव से भी बुरा होगा.
ऐसे ही कुछ गिध्दों ने उत्तर प्रदेश के ही बिजनौर में सीजेएम कोर्ट में ही फाइरिंग करके हडकम्प मचा दिया.
कलियुग में गिध्दों की यह हरकतें देख सुनकर स्वर्ग में बैठे उनके पूर्वज त्रेतायुग के सम्पाति और जटाऊ क्या सोच रहे होंगे ?
सुनने में यह भी आया है कि न केवल गिध्दोंकी बल्कि चील-कव्वों, भेडियों और बंदरों की भी संख्या कम हो रही है लेकिन सबसे नवीनतम और दिलचस्प खबर यह है कि गधें भी कम हो रहे है. अब आगे जाने क्या हो ? राम जाने !

शिव शंकर गोयल,
B8, Beuna Vista, Vakeshwar Lane,
Baner Pashan Link Road, PASHAN, PUNE. 411021.
Mob.9873706333.

error: Content is protected !!