राखी को मनाये बुजुर्गों के सम्मान एवं के सुरक्षा दिवस के रूप में
j k gargपिछले कई सालों मे हमरे देश , में जब हम समर्द्ध परिवार बुजुर्ग माताओं-पिताओं को अपना शेष जीवन जीने के लिये वृ्द्ध आश्रम जाते हुए देखते हैं तो उस समय हम सभी के दिल में दुःख और विषाद उत्पन्न होता है एवं ह्रदय कराह उठता है| इस समस्या का समाधान करने और माता-पिता के बुढ़ापे को सुखद बनाने हेतु हम रक्षा बंधन के पर्व का बेहतरीन तरीके से उपयोग कर सकते हैं | रक्षा बंधन के दिन प्रत्येक पुत्र-पुत्री, परिवार के सभी अनुज परिजन अपने अपने माता-पिता , नाना नानी, दादा दादी, अंकल आंटी और अग्रजो की कलाई पर राखी बांध कर यह शपथ लें कि वें अपने माता पिता और परिवार के सभी बड़े-बूढ़े यथा माता-पिता, दादा-दादी,नाना-नानी आदि की सभी तरह से देख भाल करेगें,उनकी समस्त सुख सुविधाओं का ख्याल रखेंगे एवं उनके प्रति हर प्रकार के दायित्वों का निर्वाह निष्ठा पूर्वक करते हुए उनकी सेवा सुश्रुषा करेगें जिससे उनका शेष जीवन निर्विघ्न एवं सुखद बनें| यही शपथ एवं प्रण परिवार के बुजेगों का सुरक्षा कवच बनेगा | राखी पर उनको भरोसा दें कि उनके बुढ़ापे में वे उनकी पुरी तरह से देखभाल और सेवा करेगें एवँ कभी भी उनको अकेला नहीं छोढ़ेगें |अतः आइये इस रक्षाबन्धन के पर्व पर बुजर्गों को सुरक्षा कवच प्रदान करेगें | आईये हम सभी । एक दूसरे कोरक्षा सूत्र में बांधे एवं राष्ट्र निर्माण तथा राष्ट्र कल्याण हेतु कार्य करने का संकल्प भी करें| यदि आप इन विचारों से सहमति रखते हैं तो अपने आस पास के सभी लोगों तक ईस मेसेज को पहुचायें और राखी को सामाजिक जागरण और परस्पर सामाजिक सद्दभाव और सामाजिक क्रांति का माध्यम के रूप में बनायें |