दिल में कसक हो तो फकीरी मिलती है

बस इस एक ही वाक्य से शक्तिपात हो गया! गुरु की नजर उसके दिल में उतर गई! लड़का उसके कदमों में गिर कर बोला कि मुझे भी रब से मिला दे! इस एक ही वाक्य में लड़के के भीतर की सारी रूहानी कसक बाहर आ गई! आदमी हंस दिया और कहा कि तू इबादत को आगे और अपने मन को पीछे कर दे! अपने मन को दुनिया से समेट कर अपने ही रब में उतार दे ! तेरी रूह में ही तेरा रब है!रब से मिलने का यही रास्ता है!
फकीर इतना सरल होता है और मुरीद में भी इतनी कसक होनी चाहिए! लड़का था बुल्ले शाह और आदमी था इनायत शाह! उस दिन आम के बगीचे में जो फकीरी मुस्कुराई वह इतिहास बन गई!
सूफी यानी मन कर्म वचन की शुद्धि! रूहानी कसक! रूहानी जिंदगी! रूहानी करुणा और रूहानी बंदगी!