हमारे राष्ट्रपिता

महात्मा गांधी कहलाएं राष्ट्रपिता हमारे,
आत्मशुद्धि शाकाहारी प्रेरणा देने वाले।
सादा जीवन व उच्च विचार रखने वाले,
भारत देश को स्वतंत्रता दिलवाने वाले।।

ना कभी ‌वो थके और ना कभी वो रुके,
नही हारे वो कभी हिम्मत और हौंसला।
कर दिखाया उन्होंने अनहोनी को होनी,
इस तरह का लिया उन्होंने कई फैसला।।

धार्मिक नारी थी इनकी मां पुतली बाई,
पिता करमचन्द गांधी रियासती दिवान।
मोहनदास गांधी इनके बचपन का नाम,
13 वर्ष ‌मे हुई शादी कस्तुरबा था नाम।।

सत्याग्रह शांति व अहिंसा के रास्ते चलें,
अंग्रेजों को भारत से निकालकर ये रहें।
राजकोटस्थित अल्बर्ट हाईस्कूल में पढ़ें,
अंग्रेजी के साथ पढ़ाई में अव्वल ये रहें।।

03 वर्ष की शिक्षा-दीक्षा लंदन से किये,
बेरिस्टर बनकर बापू अपने वतन आये।
भव्य स्वागत के साथ महात्मा कहलाएं,
असल यात्रा जीवन की फिर शुरु किये।।

रचनाकार ✍️
गणपत लाल उदय, अजमेर राजस्थान
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