आसान नहीं है भागीरथ चौधरी की राह

*खुद की गृह विधानसभा से तीसरे नंबर पर रहने वाले को दूसरी विधानसभा से कैसे और क्यों मिलेगी जीत*
*मोदी की लहर चल रही है तो फिर रातों रात कांग्रेस ज्वॉइन करने वालों को टिकिट क्यों?*

बांदनवाड़ा (डॉ.मनोज आहूजा )
दोस्तों देश की सबसे बड़ी संसद लोकसभा के चुनावों की रणभेरी बज चुकी है,देश में क्या माहौल चल रहा है ये सब आप देख ही रहे हैं।लगातार दो बार मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भी तीसरी बार भी उन्हीं के प्रधानमंत्री बनने की दावेदारी की जा रही है और भारतीय जनता पार्टी का संगठन उसी अनुसार लोकसभा चुनाव की तैयारियों में लगा हुआ है।चुंकि राजस्थान में भाजपा की सरकार है तो यहाँ से 25 ही सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के जीतने की सम्भावनाएं बताई जा रही है उसी क्रम में अजमेर लोकसभा सीट से वर्तमान सांसद भगीरथ चौधरी को टिकिट दिया गया है और उन्होंने धुंआधार प्रचार भी शुरू कर दिया है।दोस्तों जहाँ तक भगीरथ चौधरी की जनरल इमेज की बात करें तो उन्हें सहज व सरल नेता माना जाता है।
लेकिन *जनता सहज और सरल नेता को बार बार स्वीकार नहीं करती* जनता ये भी देखती है कि इस नेता ने उन्हें क्या दिया और जनता जनार्दन के लिए क्या किया।हालांकि एक सांसद के पास बहुत ज्यादा पावर नहीं होता जो वो सबकी उम्मीदों पर खरा उतर सके लेकिन सांसद जिसने मोदी के लिए वोट मांगे और मोदी को वोट दिया गया तो फिर वो जनता मोदी के द्वारा किये गए वादों के लिए उसी को पकड़ेगी जिसने उनका वोट लिया है।बात अगर हम सांसद के कार्य की करें तो भगीरथ चौधरी के कार्यकाल में ऐसा कुछ बड़ा काम नहीं हुआ जिसको अजमेर जिले की जनता याद रख सके।रेलवे विभाग में कुछ काम हुआ है,कुछ गाड़ियां रुकने लगी है तो कुछ स्टेशनों को सुधारा गया है तो ये काम पूरे देश में हुआ है।लेकिन इन कामों से जनता को कुछ ज्यादा संतुष्टि नहीं मिल पाई है बल्कि जिन रेलवे स्टेशन पर काम नहीं हुआ और ट्रेनों का ठहराव नहीं हुआ वो जरुर नाराज हैं।मैं बात करता हूं मेरे गांव बांदनवाड़ा की जहां अभी 3 मार्च को ही सांसद महोदय के फंड से बनने वाले सामुदायिक भवन का उद्घाटन हुआ *उस दिन कार्यकर्ताओं ने स्वागत तो किया ही लेकिन उससे ज्यादा गुस्सा इस बात पर किया कि 5 साल में सेकड़ों ज्ञापन देने के बावजूद भी वो एक भी ट्रेन नहीं रुकवा पाए।इस स्थिति को भाँपते हुए सांसद महोदय ने तुरंत ही माफ़ी मांगते हुए कहा कि मैं आज दिल्ली ही जा रहा हूं और मेरी पहली प्राथमिकता इस गांव में ट्रेन रुकवाने की है और फिर जल्दी होने की वजह से वो चले गए।* कार्यक्रम में मसूदा विधायक वीरेंद्र सिंह कानावत,जिला उपाध्यक्ष सुभाष वर्मा,मंडल अध्यक्ष दाऊ राम शर्मा सहित सैकड़ो कार्यकर्त्ता भी मौजूद रहे।प्राथमिकता तो पता नहीं कहाँ गई और अब वापस वोट मांगने आएँगे तो क्या जनता वोट देगी? भाजपा के कार्यकर्त्ता तो वोट देंगे ही उनकी तो मजबूरी है, *मैं बात कर रहा हूं आम जनता की जो वास्तव में हार और जीत तय करते हैं।क्योंकि भाजपा के कार्यकर्ताओं के होते हुए भी कांग्रेसी विधायक यहाँ से चुनाव जीते थे फिर उन्हीं के निर्देश से पंचायत समिति सदस्य भी कांग्रेसी ही निर्वाचित हुए थे क्योंकि जो लोग इंडिपेंडेंट है जिन्हें नेतागिरी से मतलब नहीं है जिन्हें नेताओं से कोई काम नहीं वो नेता की काबिलियत देखते हैं* और सरकार किसकी है ये देखते हैं।
तो क्या इन स्थितियों में बांदनवाड़ा से भगीरथ चौधरी जीत पाएंगे? और जिले में उन्हें लीड मिलेगी तो किस आधार पर मिलेगी? स्वयं के व्यक्तित्व से या फिर वहाँ के जीते हुए विधायक के प्रभाव से या फिर मोदी लहर से?
सोचने वाली बात है मित्रों! *वैसे यहाँ मैं एक बात और बता दूँ कि अगर इस बार भी मोदी लहर होती तो कांग्रेसियों को रातों रात भाजपा ज्वॉइन करवाकर उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया जाता।* इसलिये जहाँ तक मेरा मानना है इस बार मामला टफ है थोड़ा।हाल ही में हुए *विधानसभा चुनावों में वो अपनी ही विधानसभा में तीसरे नंबर पर रहे हैं,तो क्या ये पैमाना नहीं होता इस बात का कि आपकी कितनी पैठ है? जब घर में ही आपकी पैठ नहीं है तो बाहर कैसे हो सकती है?और फिर आपने जाति समाज के अलावा किसी और को ओब्लाइज किया हो तो बताओ किसे किया?* इन हालातों में मुझे नहीं लगता कि इस बार भगीरथ चौधरी की राह आसान होगी? माना सरकार आपकी है,सरकारी सिस्टम आपका है… लेकिन वो सब मिलकर कितने परसेंट समीकरण बना और बिगाड़ सकते हैं? जीत यदि होगी तो कम मार्जिन से होगी और वो भी तब जब जातिवाद से बाहर आकर दूसरी जाति वालों को भी सम्मान दोगे।मोदी जी के नाम से जनता कितनी बार वोट देगी आपको? *फिर आपकी परफॉर्मेंस तो देखेगी ना जनता? राजनैतिक पार्टियां भी तो इसी आधार पर अपना प्रत्याशी निर्धारित करती है कि आपकी परफॉर्मेंस कैसी रही?* जनता में आपकी वेल्यू क्या है? सिर्फ एक जाति के आधार पर कैसे राजनीती कर सकता है कोई व्यक्ति? वो भी नेशनल पार्टी का… 🙏🙏
*डॉ.मनोज आहूजा एडवोकेट*
*प्रधान सम्पादक आहूजा न्यूज चैनल*
*मोबाइल नंबर* *9413300227,9414434927*

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