योग दिवस पर करें योग का हम सब मिल सत्कार।
हर आसन ही करे जीवनी शक्ति का संचार।
सूरज के संग संग उठ जाएं सूर्य नमन कर लें।
प्राणायाम करें प्राणों में नव उमंग भर लें।
ताड़ासन से मिले ताड़ सा बढ़ने का संस्कार।
योग दिवस पर करें योग का ……………
भुजंग आसन की मुद्रा, देती है शक्ति अपार।
बिटपासन से खुल जाता है सुख शांति का द्वार।
योग राह पर चलने को हम हों दिल से तैयार।
ताड़ासन से मिले ताड़ सा बढ़ने का संस्कार।
योग दिवस पर करें योग का ……………
आसन का हर एक रंग, जीवन में भरे उमंग।
यह उमंग तब और बढ़ जब मिलजुल करते संग।
ध्यान मग्न हो जाएं हम सब ऊंचे रखें विचार।
ताड़ासन से मिले ताड़ सा बढ़ने का संस्कार।
योग दिवस पर करें योग का ……………
आओ हम सब भारतवासी योग प्रसार करें।
हर दिन को दिनकर से जोड़ें, झुकें ओर उभरें ।
चले योग की राह सदा ही, हों मन से तैयार।
ताड़ासन से मिले ताड़ सा बढ़ने का संस्कार।
योग दिवस पर करें योग का ……………
गा गाकर हम गीत योग के, दें सब को संदेश।
सभी बड़ों को विनय करे, दें छोटों को आदेश।
रहें योगमय बनें निरोगी, कितना मधुर विचार।
ताड़ासन से मिले ताड़ सा बढ़ने का संस्कार।
योग दिवस पर करें योग का ……………
*डा कुंवर वीर सिंह मार्तंड*
संपादक
साहित्य त्रिवेणी
कोलकाता
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