
राजनीतिक आर्थिक सामाजिक रूप से अधिवक्ताओं की देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका भी रहती रही है। पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस संगठन में कांग्रेस समर्थित अधिवक्ताओं से कांग्रेस के आला कमान की दूरी देखने को मिली है, जबकि समाज से जन समुदाय से सीधा संपर्क रखने वाला सबसे बड़ा समुदाय अधिवक्ता परिवार है, भाजपा सरकार की जन विरोधी सविधान विरोधी नीतियों, व लोकतंत्र की रक्षा के लिये अधिवक्ता समुदाय को अग्रणी रखना चाहिये, राजस्थान में 2018 में एक प्रदेश स्तरीय अधिवक्ता सम्मेलन हुवा जिसने उस समय भाजपा की नींव को हिला कर रख दिया, उस विधिक विमर्श शिविर में अजमेर जिले के अधिवक्ताओं की भी अहम भूमिका रही, लेकिन वर्तमान में कांग्रेस अधिवक्ता समुदाय की अनदेखी देखने को मिल रही है आज वरिष्ठ वे युवा कांग्रेस के लिये समर्पित अधिवक्ताओं को कांग्रेस आला नेताओ को जोड़ने का ओर संगठन में अहम भूमिका निभाने का अवसर प्रदान किया जाना चाहिये, कांग्रेस के आला नेताओ को प्रदेश स्तर पर हर जिले से कांग्रेस समर्थित अधिवक्ताओं को बुलाकर एक प्रदेश स्तरीय एक दिवसीय चितन शिवर व जिला स्तर पर अधिवक्ताओं की सभा का आयोजन करना चाहिये, अधिवक्ताओं की एकता सूझ-बूझ के आगे बड़ी से बड़ी दीवार भी ढह जाती है प्रदेश की सरकार के खिलाफ मजबूती से निडर होकर लड़ने वाला कांग्रेस विधि विभाग को सक्रिय कर, कांग्रेस समर्थित अधिवक्ताओं से सम्पर्क साधना चाहिये क्योंकि जन विरोधी नीतियों को जनता तक आसानी से पहुचाने का काम अधिवक्ता उत्कर्ष रूप से कर सकते है, देश – प्रदेश की राजनीति में अधिवक्ताओं की अहम भूमिका रही है। देश के उच्चतम पदों पर बैठे कई राजनीतिज्ञ विधिवेता है। ऐसे में अधिवक्ताओं की ओर देश-प्रदेश कांग्रेस के आला नेताओ को ध्यान आकर्षित कर अधिवक्ताओं से सम्पर्क पूर्व की भांति साधना चाहिये।
अधिवक्ता के.सी.जोनवाल आवाज-ए-कलम