संयुक्त राष्ट्र में लगातार दूसरे दिन कश्मीर को लेकर भारत एवं पाकिस्तान में तकरार हो गई। संयुक्त राष्ट्र महासभा के समापन सत्र में पाकिस्तान के उप स्थायी प्रतिनिधि रजा बशीर तरार ने कहा कि लंबे अरसे से लंबित फलस्तीन और जम्मू कश्मीर जैसे विवादों का निपटारा विश्व शांति और स्थिरता को बढ़ावा देगा। यही नहीं, इससे संयुक्त राष्ट्र की हैसियत में भी इजाफा होगा।
पाकिस्तानी प्रतिनिधि तरार के इस बयान पर जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव नामग्या खंपा ने कहा कि इस अप्रासंगिक एवं अनावश्यक मुद्दे को उठाना निहायत अफसोसनाक है। जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। लिहाजा पाकिस्तान के इस बयान को सिरे से खारिज कर दिया जाना चाहिए।
इस पर तरार ने भी जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कहा कि कश्मीर का जिक्र आने पर अप्रासंगिक भारतीय प्रतिनिधिमंडल का सबसे पसंदीदा शब्द होता है। मालूम हो कि सोमवार को भी भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान द्वारा कश्मीर का मुद्दा उठाने पर अप्रासंगिक शब्द का ही इस्तेमाल किया गया था।
तरार के प्रत्युत्तार के बाद खंपा ने फिर जवाब देने के अधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के इन बयानों को भारत खारिज करता है। ऐसे बयानों के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में कोई जगह नहीं है। मालूम हो कि बीते हफ्ते महासभा को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा था कि कश्मीर संयुक्त राष्ट्र की विफलता का प्रतीक है। इस पर विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कड़ी आपत्तिजताई थी।
