वाशिंगटन। भारतीय मूल के अमेरिकी और अमेरिका के पहले मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी अनीश पॉल चोपड़ा औपचारिक रूप से वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद की दौड़ में शामिल हो गए है।
जून में होने वाले चुनाव में उम्मीदवारी के लिए कम से कम दस हजार मतों की आवश्यकता होती है। जबकि चोपड़ा ने 20 हजार 630 लोगों के हस्ताक्षर वाला समर्थन पत्र सौंपा है। समर्थन पत्र सौंपने के दौरान उन्होंने कहा कि इस अभूतपूर्व समर्थन का पूरा श्रेय अभियान से जुड़े जमीनी स्तर के लोगों को जाता है। हालांकि जीत की दिशा में यह महज पहला कदम है लेकिन इस सहयोग और प्रेम से मैं खुश को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। यह सब कुछ हमारे मेहनती और कर्मठ कार्यकर्ताओं के कारण ही संभव हो सका है। वर्जीनिया में रहने वाले भारतीय-अमेरिकी चोपड़ा के समर्थन में आगे आए हैं। यदि वह लेफ्टिनेंट गवर्नर का चुनाव जीते तो वर्जीनिया में यह शीर्ष पद पाने वाले पहले भारतीय अमेरिकी बन जाएंगे।
लविका भगत सिंह के मुताबिक चोपड़ा वर्जीनिया के कल्याण के लिए काम करने को प्रतिबद्ध हैं और वह प्रगतिशील सोच रखते हैं। चोपड़ा को लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस अभियान में सांसद जिम मोरन और पूर्व सांसद रिक बाउचर और टॉम पेरिलो भी शामिल हैं।
चोपड़ा का जन्म न्यूजर्सी स्थित ट्रेंटन में अप्रवासी परिवार में हुआ था। उनके पिता 1966 में यहां आकर बस गए थे। चोपड़ा ने जोन्स होपकिन्स युनिवर्सिटी व हार्वर्ड स्थित केनेडी स्कूल ऑफ गर्वनमेंट से पढ़ाई पूरी की है। वह वजीर्निया में सेक्रेटरी ऑफ टेक्नॉलाजी के पद पर भी काम कर चुके हैं। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने साल 2009 में उन्हें देश का पहला मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी नियुक्त किया था।