वाशिंगटन। अमेरिका के इतिहास में पहली बार कोई भारतीय मूल का व्यक्ति सर्किट कोर्ट में जज बनेगा। भारतीय मूल के अमेरिकी जज श्रीकांत का सर्किट कोर्ट में जज बनना लगभग तय हो गया है। गुरुवार को लगभग नब्बे मिनट चली हियरिंग के दौरान उनके नाम पर रिपब्लिकन सिनेटरों ने कोई आपत्ति नहीं जताई। अब श्रीनिवासन यह इतिहास बनाने के काफी करीब हो पहुंच गए हैं। यदि वह खुलेतौर पर उनके नाम पर अपनी सहमति जता देंगे तो भारतीय मूल के श्रीनिवासन ऐसे पहले भारतीय मूल के अमेरिकी होंगे जो सर्किट कोर्ट में जज की भूमिका अदा करेंगे।
श्रीनिवासन को राष्ट्रपति ओबामा ने एक वर्ष पहले डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट के लिए यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स के लिए नामित किया था। आज सीनेट की न्यायिक कमेटी में उनकी नियुक्ति को लेकर पुष्टि करने की सुनवाई होनी थी, जिसमें वह सभी की पसंद बनकर उभरे हैं।
गौरतलब है कि भारत में जन्मे और लारेंस, कन्सास में बढ़े हुए 46 वर्षीय श्रीनिवासन फिलहाल प्रिंसीपल डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ऑफ द यूएस के पद पर काम कर रहे हैं। पिछले दिनों व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी, जे. कार्ने ने कहा था कि श्रीनिवासन वास्तव में एक बहुत ही सम्मानित अपीलेट एडवोकेट रहे हैं जिन्होंने निजी प्रैक्टिस में और अमेरिका की ओर से दोनों ही प्रशासनों (डेमोक्रेट और रिपब्लिकन) की ओर से सुप्रीम कोर्ट में 24 अवसरों पर अपना पक्ष रखा।
कार्ने के अनुसार उन्होंने बहुत सारे ब्रीफ तैयार किए और कई दर्जन अतिरिक्त मामलों में अपना पक्ष रखा। साथ ही, वे संघीय और राज्य अपीलेट कोर्ट में कई मामलों में मुख्य वकील केतौर पर भी पेश हुए। पिछले दिनों सॉलिसिटर जनरल के 12 पूर्व अधिकारियों ने जिनमें 6 रिपब्लिकन और 6 डेमोक्रेट हैं, ने श्रीनिवास को अपने समर्थन की घोषणा की। उनका समर्थन करने वालों में पॉल क्लीमेंटटेड ऑल्सन, केन स्टार और वाल्टर डेलिंगर शामिल हैं।
डीसी सर्किट को अक्सर ही देश का सबसे बड़ा दूसरा कोर्ट माना जाता है लेकिन इसमें अन्य किसी कोर्ट ऑफ अपील्स की तुलना में दोगुनी रिक्तियां मौजूद हैं, पर 2005 से इसमें 20 फीसदी काम का भार अधिक बढ़ गया है। इस कोर्ट में 4 रिक्तियां हैं जिनमें से पहली रिक्ति श्रीनिवासन की सरकारी पुष्टि के बाद भरी जाएगी।