वाशिंगटन। चीन की सैन्य ताकत और रक्षा बजट में बढ़ोतरी की आशंकाओं के बीच एक शीर्ष अमेरिकी कमांडर ने कहा है कि उस पर सावधानी से नजर रखने की जरूरत है।
अमेरिकी पैसिफिक कमांड के कमांडर [पीएसीओएम] एडमिरल सैम्युल लॉकलियर ने मंगलवार को कांग्रेसनेल सुनवाई के दौरान कहा,’मुझे लगता है कि हमें इस बात पर कड़ी नजर रखनी होगी कि चीन की सेना में किस प्रकार वृद्धि होती है। वह उस सेना का क्या करता है और सुरक्षा माहौल में उसकी सेना कैसे समाहित होती है।’ उन्होंने कहा कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका केपुन: संतुलन का एक पहलू यह सुनिश्चित करना है कि वहां भविष्य के लिए उचित बल मिश्रण हो ताकि अमेरिका अपने नागरिकों और सहयोगियों को यह भरोसा दिला सके कि उनके हित वहां सुरक्षित हैं। लॉकलियर ने सीनेटर लिंडसे ग्राहम के एक सवाल के जवाब में कहा कि चीन इस समय न तो हमारा मित्र है और न ही दुश्मन।
ग्राहम ने आरोप लगाया कि चीन का व्यवहार सिर्फ उकसाने वाला ही नहीं बल्कि घृणित भी है। उन्होंने कहा कि वे अमेरिकी बौद्धिक संपदा को चुरा रहे हैं। वे साइबर स्पेस के जरिए हर रोज हम पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने पीएसीओएम कमांडर से कहा,’मैं चाहता हूं कि आप चीन को यह बताएं कि उनके व्यवहार से यहां कांग्रेस में हताशा बढ़ रही है। हम चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हिस्से के तौर पर चीन अधिक परिपक्व तरीकेसे व्यवहार करे।’
इस बीच सीनेटर जेम्स इनहोफेने चीन के बढ़ते रक्षा बजट पर चिंता जताते हुए कहा कि उसका रक्षा बजट 2013 में 10.7 प्रतिशत बढ़ जाएगा। पिछले सदी के आखिरी दशक में चीन के रक्षा बजट में 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई जबकि अमेरिका ने अपने रक्षा बजट में 30 प्रतिशत की कटौती की।
लश्कर सबसे खतरनाक आतंकी संगठन
लॉकलियर ने सांसदों को बताया कि पिछले कुछ वर्षो में मुंबई हमलों समेत भारत में कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा एशिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों में से एक है। अमेरिकी सेना द्वारा हाल में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर अब ग्लोबल हो चुका है। नवंबर, 2008 के मुंबई हमले से आतंकी संगठन का दुस्साहस बढ़ गया है। उसने भारत के अलावा दुनिया की कई प्रमुख जगहों को निशाना बनाने की तैयारी कर ली है।
लॉकलियर ने सीनेटरों को बताया कि इन हमलों के प्रत्यक्ष नतीजों से परे इस बात का अहम खतरा है कि कोई अन्य आतंकी हमला भारत और पाकिस्तान के नाजुक संबंधों को अस्थिर कर सकता है।
भारत से भागीदारी अमेरिका और विश्व शांति केलिए अच्छी
एडमिरल लॉकलियर ने कांग्रेस में सुनवाई के दौरान कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली को मजबूती प्रदान करने, साझा हितों केसंरक्षण और आतंकवाद से मुकाबले जैसे अमेरिकी राष्ट्रीय हितों की पूर्ति के लिए अमेरिका-भारत भागीदारी को मजबूत बनाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि एक दशक से भी कम समय में भारत के साथ रक्षा कारोबार नौ अरब डॉलर तक पहुंच गया है। एडमिरल ने कहा कि भारत केसाथ हमारे संबंधों में विकास की संभावनाएं हैं और हम उसकी क्षमताओं को लेकर आशावादी और उत्साहित हैं।