मिलीभगत से ही बिक रहे हैं गुटखे

चिकित्सा विभाग ने बीते शुक्रवार को भले ही हजारों गुटखे जब्त कर यह साबित करने का प्रयास किया हो कि वे पूरी तरह से सजग है, मगर कानाफूसी है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ही बाजार में प्रतिबंधित गुटखे धड़ल्ले से बिक रहे हैं। हां, इतना जरूर है कि दुकानदार केवल उन्हीं को गुटखे बेच रहे हैं, जो कि उनके परिचित हैं। दूसरा ये कि गुटखों की दरें डेढ़ गुनी हो गई हैं। खुद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.लक्ष्मण हरचंदानी ने स्वीकार किया है कि प्रतिबंध के बावजूद शहर में बिक्री की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उनके पास कितनी शिकायतें आईं ये तो पता नहीं मगर, बीते काफी दिनों में ये ही एक मात्र कार्यवाही हुई है। सवाल ये कि छोटे दुकानदार ये आरोप क्यों लगा रहे हैं कि होलसेल व्यापारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। छोटे ही दुकानदारों को ही परेशान किया जा रहा है, जबकि होल सेल व्यापारी ब्लेक में गुटखों की बिक्री कर रहे हैंं। मतलब साफ है। होल सेल व्यापारी क्यों बचे हुए हैं।

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