जन्म दिन मनाने का अनोखा तरीका-दलित बस्तिओं में मिष्ठान वितरण

दलित दीपक-अजीत को षिक्षा प्रदान करायेगें प्रदेश अध्यक्ष संतोष गंगेले
DSC06023DSC06026छतरपुर – जिला मुख्यालय से 72 किमी दूर उत्तर प्रदेष की सीमा से लगा नौगॉव जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत लहदरा थाना हरपालपुर की रहने वाली षॉति बाई बसोर पुत्री ननुवा बसोर पति से प्रताड़ित होकर अपने पिता के साथ रहती है उसकी दो संतान दीपक उम्र 9 साल व अजीत 5 साल के दोनेा बेटे है षॉति बाई मानसिक रूपसे कमजोर होने के कारण मजदूरी भी नही कर पाती है । उसके दोनो बच्चों के भरण पोषण व षिक्षा में अनेक बधायें आ रही थी इसकी जानकारी गणेषषंकर विद्यार्थीह प्रेस क्लब के प्रदेष अध्यक्ष संतोष गंगेले को ग्रामीण जन सम्पर्क में लगी तो वह उनके घर गये । जिस पर अजीत के बदन पर बस्त्र भी नही थें, उन्होने उसे अपनी गोद में लेकर उसकी षिक्षा के लिए आर्थिक सहयेाग एवं बस्त्र देने का बचन दिया । इसी प्रकार इसी प्रकार की एक अंधी अनाथ 65 बषीय महिला श्रीमती लक्ष्मी ढीमर पत्नि श्री ठाकुरदास को सरकार की योजनाओं का लाभ नही मिलने की जानकारी मिली । उन्होने उसकी मदद के लिए स्वंय से एक साल तक सहयोग का बचन दिया ।
गणेष षंकर विद्यार्थी प्रेस क्लब प्रान्तीय अध्यक्ष संतोष गंगेले ने अपने 59 वें जन्म दिन को ग्राम लहदरा की दलित बस्ती में बनाने का ही संकल्प लिया । निर्धारित समय के अनुसार 11 दिसम्बर 14 को सुबह 10 बजे ग्राम लहदरा पहुॅच कर हरिजन बस्ती में बच्चों , पुरूष में महिलाओं को मिष्ठान वितरण किया तथा टॉफियॉ वितरण की । दलित दीपक , अजीत को दो दो जोड़ी बस्त्र दान किऐ । पॉच बर्षीय अजीत को नये बस्त्र पहनाकर गोदी में उठाकर उसे मिठाई खिलाई तथा षिक्षा के लिए पैन कॉपी दी । इस अवसर पर श्रीमती लक्ष्मी बाई ढीमर व उसके पति ठाकुरदार के लिए एक एक जोड़ी बस्त्र दिए । उसके बाद पिछड़ावर्ग मोहल्ला में जाकर ग्राम लहदरा के सबसे बुजुर्ग श्री भान प्रताप यादव का माला पहना कर सम्मान कर मिष्ठान वितरण कराया । इस प्रकार केक जन्म दिन मनाने के अनोखे अभिनव की ग्राामीण जनता ने प्राषन्नता जाहिर की । इसके पूर्व दीवाली को संतोष गंगेले ने एक दलित छात्रा ऊषा मेहतर के घर दीपक जलाकर दीवाली का त्यौहार मनाया था जिसकी नगर व क्षेत्र में भारी सराहना की थी ।
गणेष षंकर विद्यार्थी प्रेस क्लब प्रान्तीय अध्यक्ष संतोष गंगेले ने बताया कि वह बर्ष 2007 से स्कूलों में जाकर बच्चों को प्रोत्साहित करते है तथा बाल सभाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को बचाने का प्रयास जारी है ।

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