अश्रुपूर्ण नेत्रों से मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित

उस समय में वे देश के राष्ट्रपति थे वह मुलाकात कुछ समय की थी उस समय मुलाकात छड़िक थी । लेकिन उस समय प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने मेरे मन में एक अमिट छाप छोड़ी थी समय बीतता गया और आखिरकार उनसे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में चाय के दौरान दुआ- सलाम का मौका मिला और फिर उनके साथ कुछ यादगार मुलाकात हुई। पर यह मुलाकात यादगार थी जिन्होंने मेरी कुशल क्षेम पूछी जैसा सुना था वैसा ही डॉ. कलम को पाया वहीं शांत स्वभाव एवं मृदुल भाव जब मैंने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए आग्रह किया तो उन्होंने सर हिला कर मेरा निवेदन स्वीकार किया इसके बाद मैंने कई एंगिलो से अपने फोटो भारत की महान शख्सियत के साथ कराएं यह मौका मेरे जीवन का यादगार पल था जुलाई 27 जुलाई 2015 को शिलांग मैं उनके निधन की खबर मिली तो मेरे दिल को बड़ा आघात पहुंचा मुझे लगता ही नहीं कि अब्दुल कलाम साहब 3 वर्ष पूर्व हमारे बीच से जा चुके हैं वे सदा हमारे साथ हैं और रहेंगे इतिहास में उनका नाम सदैव याद रखा रहेगा अश्रुपूर्ण नेत्रों से मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं
इस मौके पर शिवकुमार रितिक वर्मा विकास यादव विनीत प्राची असलम साहिब विवेक संदीप दुबे मनोज शर्मा आदी