डिजिटल माध्यम से करें राजनेताओं के काम की समीक्षा

ट्रूपल एक सर्वश्रेष्ठ विकल्प
इन्दौर, अगस्त 2018 रू ट्रूपल देश का एकमात्र ऐसा डिजिटल प्लेटफार्म है जो आम जनता को उनके जनप्रतिनिधियों के काम की समीक्षा करने का मौका प्रदान करता है। ट्रूपल, स्थानीय, राजकीय व राष्ट्रीय सामाजिक मुद्दों पर चर्चा के लिए विश्व का पहला ऐसा मंच मुहैया करा रहा है, जहां विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेता देश की आम जनता के समक्ष, साक्षात्कार के लिए उपस्थित होंगे। इसके माध्यम आम जन सीधे अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल-जवाब कर सकता है। यहां रोज होने वाली घटनाओं, समाचारों और विभिन्न प्रकार की समस्याओं पर चर्चा की जा सकेगी।
ट्रूपल, सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर, आम जनता को ओपिनियन पोल के माध्यम से राजनेताओं के काम की समीक्षा करने का अवसर प्रदान करता है। यह मतदाताओं और राजनेतओं के बीच संवाद स्थापित करने के लिए एक पुल का काम कर रहा है। ट्रूपल के फेसबुक प्लेटफॉर्म पर देश का कोई भी नागरिक, किसी भी कोने से बैठकर, नेताओं के काम का आकलन करने के साथ, हां या नहीं में उन्हें ’रेटिंग’ भी दे सकता है। यह मंच देश के साधारण नागरिकों को व्यापक स्तर पर अपनी राय सांझा करने व समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति प्रदान करता है।
ट्रूपल के को-फाउंडर अतुल मलिकराम का कहना है कि, “हम इस मंच के जरिए, आने वाले समय में लगभग 250 करोड़ लोगों तक अपनी पहुँच बनाएंगे। यहां लोगों को उनके प्रतिनिधियों के काम पर बिना किसी डर के खुलकर बात करने का मौका मिलेगा। ट्रूपल का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्या को उठाने व उन्हें सुलझाने के साथ, रेटिंग के जरिए राजनेताओं को यह अहसास कराना है कि जनता उनके कामकाज पर पैनी नजर बनाए हुए है।“
भविष्य में ट्रूपल पर शरद यादव, योगेंद्र यादव, तारीक फतेह और अबू आजमी जैसे तमाम दिग्गज राजनेताओं को देश की साधारण जनता से रूबरू होते हुए देखा जा सकता है। इस डिजिटल मंच के माध्यम से मतदाता सीधे तौर पर किसी भी राजनीतिक पार्टी या उसके काम से जुडी बातों पर निशाना साध सकता है। इसके अलावा ट्रूपल का मकसद हर उस खबर को जनता के सामने लाना है जिसे किसी प्रभाव या राजनीतिक कारणों से दबा दिया जाता है। यह डिजिटल पर एक खुला प्लेटफार्म ऑफर कर रहा है, जहां कोई भी किसी भी नेता या राजनीतिक पार्टी के बारे में अपने विचार प्रकट कर सकता है।
ट्रूपल, आपको अपने जन प्रतिनिधियों से तीखे सवाल करने के अलावा उनके कामों का मूल्यांकन करने का मौका भी मिलता है। ट्रूपल के फेसबुक प्लेटफार्म पर आप, बिना किसी रोक-टोक व डर के अपने विचार शेयर कर सकते है। यह राजनेताओं का इंटरव्यू लेने के दौरान कड़े मानकों का पालन करना भी नहीं भूलता। मसलन यह इंटरव्यू सेशन चार भागों में विभाजित होता है, जो राजनेताओं के काम को चार अलग-अलग आधारों पर आंकने का काम करता है। जन प्रतिनिधियों को सात्क्षात्कार के दौरान ’अंदर की बात’, ’क्विक फायर’, ’भड़ास मूमेंट’ और ’विचित्र किन्तु सत्य’ जैसे चार राउंड्स से गुजरना होता है। ट्रूपल ’अंदर की बात’ के जरिए राजनीतिक गलियारों में चल रही अंदर की खबर को बाहर निकलने की कोशिश करता है। इसके माध्यम से राजनेताओं के समक्ष ऐसे ही सवालों का खांका पेश किया जाता है, जिससे वह अंदर की बात को बाहर निकालने पर मजबूर हो जाए। यह जनता के सामने परदे के पीछे का सच लाने का काम करता है। इसके अलावा, ’क्विक फायर’ राउंड में राजनेताओं से कुछ तीखे सवाल किए जाते है, जिसका जवाब उन्हें तत्काल प्रभाव से देना होता है। इस राउंड में सरकारी कामों और जनता के लिए किए गए विकाश के कार्यों से जुड़े सवाल होते है। यह राउंड राजनेताओं के मन की बात जानने के लिए मौके पर चौका मारने जैसा काम करता है।
’भड़ास मूमेंट’, यह राउंड जनता की तरफ से आईं समस्याओं व सवालों को उनके जनप्रतिनिधियों के समक्ष पेश करता है। आम-जन राजनेताओं के काम से जुड़ा कैसा भी सवाल पूछ सकता है और ट्रूपल उन सवालों को राजनेताओं के सामने पेश करता है। अंत में जनप्रतिनिधियों को ’विचित्र किन्तु सत्य’ राउंड से गुजरना होता है। यह राउंड राजनेताओं के लिए सबसे अप्रिय समझा जा सकता है क्योंकि इसके अंतर्गत उन्हें कुछ ऐसे संवेदनशील सवालों के जवाब देने होते है, जिनसे वह अक्सर बचने की कोशिश करते नजर आते है। यह राउंड असल मायने में जनप्रतिनिधियों को दूध का दूध और पानी का पानी करने पर विवश करता है। इसके माध्यम से सरकारी कामों की पूर्ण समीक्षा की जा सकती है।
डिजिटल रूप से राजनेताओं के काम की समीक्षा के लिए देश के पहले प्लेटफार्म ’ट्रूपल’ के साथ जुड़ना भी काफी आसान है। ट्रूपल के साथ वेबसाइट, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम के जरिए आसानी से जुड़ा जा सकता है।

और अधिक जानकारी के लिये सम्पर्क करें
पीआर 24ग7
फूल हसन 9921132247

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