मोदी और नीतीश देश को रसातल में ले जा रहे हैं श्रीनाथ सिंह बौद्ध

गौतम बुद्ध विहार, दारोगा प्रसाद राय पथ पटना में आयोजित शहीद जगदेव प्रसाद जयंती सह सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य रत्न अवॉर्ड सम्मान समारोह का उद्घाटन करते हुए खान एवं भुतत्व मंत्री बिनोद सिंह कुशवाहा ने कहा कि बिहार के शोषितों, पीड़ितों के हक एवं अधिकार की लड़ाई जिस दिलेरी से जगदेव बाबू ने लड़ते हुए अपनी शहादत दी थी उसी का प्रतिफल है आज का नीतीष कुमार सरकार। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा० प्रेम कुमार कृषि मंत्री बिहार सरकार ने अपने सम्बोधन में कहा कि जगदेव बाबू की संघर्ष की शुरूआत मगध की धरती से हुयी थी, वही वे शहीद भी हुये। उनके पद चिन्हों का अनुषरण करते हुए हम लोग उनके सपनों को पूरा करने में लगे है। समरोह को सम्बोधित करते हुए भारतीय बौद्ध महासभा के प्रदेष अध्यक्ष श्रीनाथ सिंह बौद्ध ने कहा कि जगदेव प्रसाद की जलाई गयी ज्वाला आज दंगल का रूप ले चुका है, जगदेव बाबू की हत्या के बाद भी तत्कालीन पुलिस प्रषासन ने उनके साथ जिस तरह का अमानवीय व्यवहार किया था, अब सरकार किसी की रहे किन्तु प्रषासन वैसा कुकृत्य किसी अदना व्यक्ति के साथ भी नहीं कर सकता ,आज देश विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। मोदी और नीतीश देश को रसातल में ले जा रहे हैं। बजट भी कहीं से शोषितों के हित में नहीं है। दोनो की सरदारी में शोषितों का भला नहीं होने वाला है। उनलोगों ने कहा कि जगदेव बाबू की शहादत बेकार नहीं जाएगी। आरक्षण पर टिप्पणी करते हुए उनलोगों ने कहा कि यह सामाजिक रूप से पिछड़ों के लिए है। काका कालेरकर आयोग की सिफारिशों को सरकार आरक्षण मामले में शत प्रतिशत लागू करे । समारेह को संबंधित करते हुए सम्राट अषोक विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजकिषोर सिंह कुशवाहा ने कहा कि जगदेव बाबू का सपना आज भी अधूरा है किन्तु उनका मिषन, उनका नारा आगे बढ़ रहा है, हमें उसकी गति को तेज करना है।
समारोह की अध्यक्ष्ता करते हुए नागमणि कुशवाहा ने अपने उद्गार प्रकट करते हुए कहा कि जगदेव बाबू के सपनो का भारत बनाने के लिए बुद्धम् शरणम् गच्छामि के सूत्रवाक्य को अपनाकर ही हम मौर्य वंष की विरासत अखण्ड भारत का फिर से निर्माण किया जा सकता है। मौर्य कालीन शासन का तात्पर्य समता, मौर्य करूणा, सहिष्णुता एवं भाईचारा पूर्ण समाज से है जो विष्व का सबसे अच्छा शासन काल माना जाता है। आजाद भारत का संविधान लेखन में भी अधिकांष नियम बाबा साहब डा० अम्बेडकर ने अषोक कालीन शासन व्यवस्था से ली है, जिस दिन भारत का संविधान पूर्ण रूप से लागू हो जायेगा उसी दिन जगदेव बाबू का सपना सरकार हो जायेगा।
जगदेव क्रांति के सेनानी डी एन सिंह आजाद ने कहा कि जगदेव बाबू का नारा सौ मे नब्बे शोषित है, नब्बे भाग हमारा है, को सफलीभूत नहीं होने में कुदे हमारे लोगों की गलती से अभी तक पूरा नहीं हुआ है। हमें उस की जलाई हुई मषाल को तब तक जलाये रखना है जब तक हम अपने हक को पूर्णतः प्राप्त नहीं कर लेते।
उक्त अवसर पर विभिन्न विधाओं के छः लोगों को सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया जब कि शोषित दलित पिछड़े समाज से चुनकर प्रषासनिक सेवा में आये 20 युवाओं को प्रषारित पत्र एवं मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया।
उक्त अवसर पर पूर्व मंत्री सम्राट चौधरी एम.एल.सी. सर.पी.सिन्हा, चन्द्रिका सिंह दाँगी, प्रदेष अध्यक्ष- हरिओम कुशवाहा , प्रभात रंजन कुषवाहा, डॉ० मुकेष कुमार, सुनिता कुशवाहा , अवधेष कुमार, प्रेम कुमार रिषांत, सुरेन्द्र कुशवाहा , राजेष कुशवाहा , प्रितम कुमार, चंन्द्रभान सिंह कुशवाहा , सुरेष प्रसाद आदि ने भी समारोह को सम्बोधित किया।

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