शैक्षणिक ढांचें को मजबूत बनाने के लिए टीमवर्क से कार्य करें-डोटासरा

बीकानेर, 4 फरवरी। शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि निदेशालय में डिजीटल सुविधा का प्रयोग करते हुए पारदर्शिता की दिशा में काम करें तथा राज्य के शैक्षणिक ढांचें को मजबूत बनाने के लिए टीमवर्क करते हुए बेहतर परिणाम दें।
डोटासरा सोमवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा अधिकारियों की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार लाना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में किसी विषय विशेष में नामांकन कम है, वहां से उस विषय के शिक्षक को हटाकर आवश्यकता वाले स्थान पर लगाया जाएगा।
पारदर्शी बने सिस्टम-डोटासरा ने कहा कि विभागीय जांच, शिकायतों की जांच, डीपीसी, पद रिक्त होने आदि से संबंधित डाटा पूरी तरह से आॅन लाइन उपलब्ध करवाएं जाएं, जिससे प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग को जो भी ज्ञापन प्राप्त होते है उन्हें तथ्यात्मक टिप्पणी के साथ रिकार्ड रखते हुए उन प्रकरणों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए। साथ ही शिक्षकों को मिलने वाले अवकाश में भी मापदण्ड तय करें और समाधान निकालंे, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब नहीं हो। उन्होंने कहा कि निदेशालय में सूचना को अपडेट रखंे तथा शिक्षकों के वेतन व पेंशन आदि प्रकरणों को समयबद्ध रूप से निस्तारित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिसके पास जो भी जिम्मेदारी हो, वह पूरी गंभीरता के साथ उसे पूर्ण करें। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को न्यायलय में चल रहे प्रकरणों में समय पर पैरवी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों के पास भी विभागीय जांच के प्रकरण लम्बित है, उन्हें निस्तारित करें। जांच प्रकरणों में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल ने निदेशालय के संस्थागत ढांचे, संस्थापन कार्य व नीति क्रियान्वयन की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने रिक्त पदों की संख्या, पदोन्नति व भर्ती प्रक्रिया की स्थिति के बारे में प्रजेन्टेशन के माध्यम से जानकारी दी। बैठक में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ओम प्रकाश कसेरा सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

डोटासरा का अभिनंदन
बीकानेर, 4 फरवरी। शिक्षा राज्यमंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री भंवरसिंह भाटी का सोमवार को जिला प्रमुख सुशीला सींवर के आवास पर स्वागत और अभिनन्दन किया गया।
डोटासरा ने अपने स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार की दिशा में राज्य सरकार सकारात्मक कदम उठा रही है। जनता ने हमें जो ताकत दी है, उसी की बदौलत हम सत्ता में बैठकर जनता की सेवा करेंगे। शिक्षक संगठनों द्वारा जो ज्ञापन आज मुझे दिए गए हैं, वे सभी शिक्षा निदेशक को दे दिए गए हैं। जो समस्याएं बीकानेर स्तर पर हल होनी हैं, उन्हें बीकानेर में और जो राज्य सरकार स्तर पर हल होनी हैं उन्हें राज्य सरकार स्तर पर हल करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार संवेदनशील है और विभिन्न कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार बनते ही कमेटी का गठन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमने विपक्ष में रहते हुए जो मुद्दे विधानसभा में उठाए थे, उन्हें हम भूले नहीं हैं। उन मुद्दों को प्राथमिकता से हल किया जाएगा।
इस अवसर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री भंवरसिंह भाटी ने कहा कि बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू और हनुमानगढ़ जिलों में शिक्षा के क्षेत्र में और विकास की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में रिक्त पद भरने तथा गत सरकार में बन्द हुई स्कूलों की समीक्षा कर उन्हें पुनः खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, इस दिशा में प्रयास शुरू किए गए हैं। इस मौके पर पार्षदगण, पंचायतराज जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठन, छात्र संगठन, शिक्षक संगठन और कार्यकर्ताओं ने शिक्षा राज्यमंत्री तथा उच्च शिक्षा राज्यमंत्री का साफा पहनाकर व शाॅल ओढाकर गर्मजोशी से स्वागत और अभिनन्दन किया। जिला प्रमुख सुशील सींवर ने अतिथियों व आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ओमप्रकाश कसेरा, एडवोकेट आर.के.दास गुप्ता आदि उपस्थित थे।

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