फास्ट टेªक कोर्ट में चलेगा मुकदमा, जल्द मिलेगी सजा
-संजय सक्सेना, लखनऊ-
लखनऊ। हिन्दू महासभा के अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड में हत्यारों और पुलिस बीच लुकाछिपी का खेल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। 18 अक्टूबर को कमलेश की हत्या हुई थी, कहने को तो हत्याकांड में लिप्त कई संदिग्ध और साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारियां भी हो चुकी है। पुलिस ने तो 24 घंटे के भीतर ही हत्याकांड की गुत्थी सुलझा लेने का दावा भी कर दिया था, लेकिन चार दिन से अधिक का समय हो गया है और अभी तक पुलिस मुख्य आरोपी यानी हत्यारों की धरपकड़ के लिए हाथ-पैर ही मार रही है, वहीं हत्यारे लगातार पुलिस को चकमा देकर आगे बढ़ते जा रहे हैं। हत्यारे जिस तेजी से अपने ठिकाने और भेष बदल रहे हैं,उससे पुलिस की हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ने की दांवों की थ्योरी खोखली साबित होती जा रही है। अब तो सवाल यह भी उठने लगा है कि क्या हत्यारे देश छोड़कर भागने में सफल तो नहीं हो गए हैं ?

उधर, सरकारी पक्ष की बात की जाए तो उसका कहना है कि हिन्दू महासभा के अध्यक्ष कमलेश तिवारी के हत्यारों को जल्द से जल्द और कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिये प्रदेश की योगी सरकार कोई कोरकसर नहीं छोड़ेगी। कमलेश तिवारी की हत्या से योगी सरकार छवि काफी खराब हुई है। विपक्ष ता हमलावर है ही केन्द्र की मोदी सरकार ने भी कमलेश हत्याकांड को गंभीरता से लिया है। इन दागों को धोने के लिए योगी सरकार हत्यारों को सजा दिलाने के लिए अदालत में पुरजोर पैरवी करेगी। हत्या का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जायेगा। कमलेश की हत्या के प्रति सरकार की गंभीर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य सरकार ने स्व. कमलेश के परिजनों की सभी मागें मान ली हैं। योगी के मंत्री लगातार कमलेश के परिवार वालों से सम्पर्क बनाए हुए हैं।
इसी क्रम में योगी सरकार के न्याय एवं विधि मंत्री बृजेश पाठक ने करीब आधा घण्टे तक कमलेश की मां, उनकी पत्नी व बेटों तथा परिजनों के साथ रहकर उनका दर्द साझा किया। कानून मंत्री ने स्व. कमलेश तिवारी के परिजनों से कहा कि सरकार हर प्रकार से आपके साथ है। पत्रकारों के सवाल पर पीड़ित परिवार के संतुष्ट न होने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने परिवार को अपेक्षित सुविधाएं देने तथा बेटों व उनकी पत्नी को परवरिश का भरोसा दिया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विरोधी दल राजनीति न करें। सरकार कमलेश तिवारी के परिवार को अपना परिवार मान कर उन्हें हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने के लिये संकल्पबद्ध है। कमलेश तिवारी के आवास के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई थी। पीड़ित परिवार से मिलने वालों की सघन जांच की गई।