भारतीय महापुरुष स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महिलाओं की जीवनी छात्राओं को पढ़ना चाहिए

टीकमगढ़ 11 जनवरी 2020 – भारत के पूर्व प्रधान मंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के बलिदान दिवस पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्धयालय लारोंन विकास खंड पलेरा जिला टीकमगढ में शनिवार को बाल सभा का आयोजन बुंदेलखंड के समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी द्वारा किया गया. इस अवसर पर उन्होंने कहा की प्रत्येक शिक्षण संस्था में अध्ययन करने वाली छात्राओं को भारत देश की आजादी में भाग लेने वाली स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिक्षाविद समाजसेवी साहित्यकार कवित्री यों की जीवनी परिचय पढ़ने के लिए प्रेरित करना हमारा सभी का करता बनता है भारत माता की सृष्टि की संरचना हमारे देश की बेटियां हैं इनके जीवन में शिक्षा संस्कार सभ्यताओं नैतिक शिक्षा की अति आवश्यकता है इसलिए पुस्तक ज्ञान के साथ साथ व्यवहारिक जीवन में नैतिक शिक्षा और इतिहास पढ़ाने की अति आवश्यकता है कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को बाल सभाओं के माध्यम से तथा जन जागरूकता गोष्ठियों के माध्यम से इतिहास महापुरुषों पुरुष महिलाओं की जीवनी पढ़ना और पढ़ाना अति आवश्यक हो गया है तभी हमारी भारतीय संस्कृति संस्कार बची रहेंगी। इस अवसर पर शिक्षक रामचंद्र नायक आनंद अहिरवार रामसिंह राजपूत आराधना गुप्ता फिरोज खान पुष्पेंद्र तिवारी जी ने अपने अपने विचार रहे। बच्चो को सम्मानित भी किया गया। बेटिओ ने गीत कविताओं का गायन किया।
उपरोक्त विचार बुंदेलखंड के समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी द्वारा आज टीकमगढ़ जिले लारोंन के हायर सेकेंडरी शिक्षण संस्था में विचार गोष्ठी के अवसर पर अपने विचारों के माध्यम से बच्चों को बताया उन्होंने बताया कि आज शिक्षण संस्थाओं के माध्यम से बच्चों को पुस्तक ज्ञान दिया जा रहा है लेकिन व्यवहारिक जीवन में उन्हें संस्कार सभ्यताओं नैतिक शिक्षा से दूर होने के कारण हमारा समाज पतन की ओर बढ़ रहा है जैसे संभालने के लिए शिक्षकों के साथ साथ सामाजिक संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं समाजसेवी व्यक्तियों को आगे आना होगा उन्होंने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि वह वर्ष 2007 से लगातार बुंदेलखंड क्षेत्र में बच्चों को सामाजिक समरसता के क्षेत्र में काम करने शिक्षा स्वास्थ्य समस्या विषय को लेकर काम कर रहे हैं साथ ही नशा मुक्ति यातायात दुर्घटना रोकने जन जागरण और विचार गोष्ठियों के माध्यम से काम कर रहे हैं इस अवसर पर संस्था के प्रचार शिक्षक बच्चों ने संकल्प लिया कि वह है भारतीय संस्कार संस्कृति बचाने के लिए लगातार कार्य करें
अध्ययनरत सही बच्चों को जागरुक किया और संकल्प दिलाया गया।

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