अमेज़न प्राइम वीडियो पर ढेर सारे शानदार टाइटल्‍स के साथ देखिये अमेज़न की प्रस्‍तुति ‘गुलाबो सिताबो’ का एक्‍सक्‍लूसिव वर्ल्‍ड प्रीमियर

मुंबई, जून, 2020: इस हफ्ते अमेज़न प्राइम वीडियो अलग-अलग जोनर और भाषाओं में लेकर आया है लेटेस्‍ट एंटरटेनमेन्‍ट। उत्‍तरप्रदेश की पृष्‍ठभूमि पर बनी मकानमलिक और किरायेदार की अनोखी कहानी, है ‘गुलाबो सिताबो’। 12 जून को अमेज़न प्राइम वीडियो पर इसका एक्‍सक्‍लू‍ससिव प्रीमियर किया जायेगा। शूजीत सिरकार द्वारा निर्देशित इस फिल्‍म में अमिताभ बच्‍चन और आयुष्‍मान खुराना ने मुख्‍य भूमिकाएं निभायी हैं।
बच्‍चों के मशहूर शो, ‘डोरा- द लॉस्‍ट सिटी ऑफ गोल्‍ड‘ को स्‍ट्रीम करें। जेम्‍स बॉबिन द्वारा तैयार यह फिल्‍म लेटेस्‍ट एडॉप्‍शन है। इसकी कहानी इस फिल्‍म की मुख्‍य किरदार डोरा के इर्द-गिर्द घूमती है। इस भूमिका को इसाबेला मोनर ने निभाया है। डोरा ने अपना बचपन अपने पेरेंट्स कोल (माइकल पेना) और एलेना (ईवा लॉन्‍गोरिया) के साथ जंगल के आस-पास बिताया है। अब वह अपने हाई स्‍कूल के नये माहौल में ढलने की कोशिश कर रही है। प्राइम मेंबर्स 12 जून, 2020 से अंग्रेजी, हिन्‍दी, तमिल और तेलुगू में ‘डोरा-द लॉस्‍ट सिटी’ का लुत्‍फ उठा सकते हैं।

15 जून से प्राइम मेंबर्स, हाल ही में रिलीज हुई क्षेत्रीय भाषा की फिल्‍म, ‘धमाका’ (मलयालम) का आनंद भी ले सकते हैं। उमर लुलु द्वारा निर्देशित, इस कॉमेडी फिल्‍म में शादीशुदा जिंदगी को बड़े ही मजेदार टि्वस्‍ट के साथ दिखाया गया है। प्राइम मेंबर्स 9 जून से ‘अफरातफरी’ (गुजराती) को भी स्‍ट्रीम कर सकते हैं। यह फिल्‍म सिचुएशनल, झकझोरने वाली और डार्क ह्यूमर से भरपूर है।

झलकियां

’गुलाबो सिताबो’ – 12 जून
अमिताभ बच्‍चन और आयुष्‍मान खुराना अभिनीत, ‘गुलाबो सिताबो’ एक अलग तरह की फैमिली कॉमेडी है। इसमें एक आम आदमी के रोजमर्रा के संघर्षों को दर्शाया गया है। इस फिल्‍म को जुही चतुर्वेदी ने लिखा है और शूजीत सिरकार ने इसका निर्देशन किया है। रॉनी लाहिड़ी और शील कुमार ने इस फिल्‍म को प्रोड्यूस किया है।

‘डोरा एंड द लॉस्‍ट सिटी ऑफ गोल्‍ड’ – 12 जून
एक टीएनजर डोरा, अपने पेरेंट्स को बचाने के लिये अपने दोस्‍तों को एक रोचक सफर पर लेकर जाती है और एक लुप्‍त हो चुके गोल्‍ड सिटी के रहस्‍य को भी सुलझाती है।

’धमाका’ (मलयालम)- 15 जून
लालची सोच रखने वाला एक पिता अपने बेटे की शादी एक तलाकशुदा करोड़पति से करवाने का जाल बुनता और उसमें कामयाब हो जाता है। लेकिन कहानी में उस समय बहुत ही अलग तरह का मोड़ आ जाता है जब शादी की पहली ही रात पता चलता है कि उसका बेटा नपुंसक है।

’अफरातफरी’ (गुजराती)- 9 जून
यह कहानी विश्रामपुर नाम के एक गांव की है। इस गांव का मुखिया त्रिकमदास अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है और उसकी आखिरी इच्‍छा है कि वह अपनी पोती की शादी देखे। वैसे लड़की इतनी जल्‍दी शादी नहीं करना चाहती। इसकी वजह से फिल्‍म में जिस तरह की परिस्थितियां पैदा होती है वह सिचुएशनल, झकझोरने वाली और डार्क ह्यूमर से भरपूर है।

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