अन्तर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच उ.प्र.शाखा का आनलाइन उदघाटन एवं काव्य समारोह सम्पन्न

झांसी उत्तर प्रदेश 28 जून 2020
अन्तर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच उ.प्र.शाखा का उदघाटन एवं काव्य गोष्ठी समारोह श्रीमती सविता चड्ढा वरिष्ठ साहित्यकार दिल्ली की अध्यक्षता , अन्तर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती संतोष,भोपाल के मुख्य आतिथ्य ,श्रीमती सरस दरबारी वरिष्ठ साहित्यकार , प्रयागराज के विशिष्ट आतिथ्य व प्रांतीय अध्यक्ष निहाल चन्द्र शिवहरे,झांसी के संयोजन में सम्पन्न हुआ ।
कार्यक्रम का संचालन उ.प्र.मंच की उपाध्यक्षा श्रीमती अलका अग्रवाल ने व आभार उ.प्र.मंच की निदेशिका डा. सुषमा सिंह ने किया ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ शैल अग्रवाल शैलजा ,आगरा की सरस्वती वन्दना व श्रीमती संध्या निगम झांसी के स्वागत गीत से हुआ ।
कार्यक्रम की अध्यक्षा , मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि का परिचय क्रमशः निहाल चन्द्र शिवहरे , डा.सुषमा सिंह , डा.मीता माथुर ने प्रस्तुत किया । इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्षा संतोष श्रीवास्तव के जीवन वृत्त पर विडियो भी दिखाया गया । श्री शिवहरे द्वारा मंच के प्रतिदिन होने वाले कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण व सम्बंधित कार्यक्रमों की संचालिकाओं के नाम भी घोषित किये ।
सविता जी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुऐ अपने उदबोधन में सभी सदस्यों का आह्लवान करते हुए कहा कि वे संतोष जी की परिकल्पनानुसार मंच को उँचाइयों तक ले जायें । मुख्य अतिथि ने मंच के सभी सदस्यों से दैनिक कार्यक्रमो में सक्रिय सहभागिता कर मंच को शक्ति प्रदान करने का अनुरोध किया ।
विशिष्ट अतिथि सरस दरबारी जी ने काव्य गोष्ठी में प्रस्तुत रचनाओं की सुन्दर समीक्षा करते हुए कहा विश्व मैत्री मंच एक परिवार है जहाँ प्रेम है ,सदभाव है , एक दूसरे से सीखने की ललक है जहाँ कोई गुरु न हो शिष्य न हो सब मिलजुलकर विभिन्न विधाओं को सीखें भावों की पूष्पमाला में शब्दों के मोती पिरोते हुए एक साहित्यिक परिवेश का निर्माण करें एवं काव्य की अमर ज्योति प्रज्जवलित रक्खें । नयी नयी प्रतिभायें इस इकाई से जुड़ें जहाँ स्नेह मलय झोको से आहृलादित ह़ो । एक ही मंच पर प्रेमभाव से मिले ,सीखें ,सिखायें ।नयी परिभाषायें और नये उपमान गढ़ें ।
इसके बाद सम्पन्न हुई़ काव्य गोष्ठी में प्रदेश के विभिन्न शहरों से कवियों एवं कवियत्रियों ने अपनी रचनायें पढ़ी जिनमें प्रमुख रुप से सर्वज्ञ शेखर गुप्ता , साकेत सुमन चतुर्वेदी, राकेश मेहरोत्रा ,डा.दिग्विजय शर्मा , डा.मीता माथुर ,मीना गुप्ता , इंदुबाला ,डा.हेमलता सुमन ,विजया तिवारी ,चारू मित्रा,मीरा परिहार ,डा.शशि सिंह ,पूजा आहूजा ,साधना वैद ,कमला सैनी , डा.ममता भारती , राजकुमारी चौहान ,शैल अग्रवाल ,डा.मधु पाराशर,मंजू निगम ,डा.रेखा कक्कड़, डा.सुषमा सिंह ,डा.माला गुप्ता ,डा.रमा रशिम , बबिता ब्रजकिशोर, डा. प्रभा गुप्ता, डा. गीता यादवेन्दु ,डा.मिथलेश पाठक ,डा.अलका चौधरी ,डा. कंचन माहेश्वरी ,संगीता अग्रवाल ने काव्य पाठ किया ।काव्य गोष्ठी का संचालन अलका अग्रवाल ने किया ।
राजकुमारी चौहान की पंक्तियाँ को समीक्षा में विशेष रुप से संज्ञान में लिया गया ।
नवल सृजन की सुमन सम्पदा कण कण में बिखरायें
पल पल प्रगति पथ पर पग पग धर शिखर को छू लें

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