जेपीपी के उम्मीदवार ने कहा, मुझे मिल रही है आरएसएस की मदद

गोंडल से केशुभाई पटेल की गुजरात परिवर्तन पार्टी के उम्मीदवार गोर्धन झड़पिया ने यहां लड़ाई को त्रिकोणीय बना दिया है। सबसे ज्यादा पटेल समुदाय के मतदाताओं के कारण केशुभाई का यहां अच्छा दबदबा है इसलिए झड़पिया अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

केशुभाई के करीबी और जीपीपी उम्मीदवार झड़पिया ने कहा कि यहां के लोगों ने मुझसे चुनाव लड़ने का आग्रह किया था। लोगों के प्यार और केशुभाई से आशीर्वाद मिलने के बाद मैं यहां से चुनाव लड़ रहा हूं। झड़पिया ने कहा कि उन्हें विहिप और आरएसएस नेताओं का समर्थन मिल रहा है। वे खुलकर समर्थन तो नहीं कर रहे हैं लेकिन पर्दे के पीछे रहकर हमारे समर्थन में लोगों को गोलबंद करने में जुटे हुए हैं। भाजपा के कई कार्यकर्ता मेरे लिए काम कर रहे हैं।

वास्तव में, झड़पिया ने भाजपा के उम्मीदवार जयराज सिंह जडेजा के भाई, आरएसएस प्रचारक लालजीभाई पटेल और भाजपा तहसील पंचायत अध्यक्ष और अब जीपीपी नेता किशोरभाई अदिपुरा के यहां रैली आयोजित की। वह कहते हैं यह लड़ाई केशुभाई के साढे तीन साल का शासन और मोदी के 11 साल के शासन के बीच है। मैं यहां गोंडल का अंधेरा दूर करने के लिए लाया गया हूं। यह क्षेत्र पानी की कमी से जूझ रहा है इसलिए यहां यह प्रमुख मुद्दा है। मैं गोंडल में एक मिनी सचिवालय बनाना चाहता हूं। झड़पिया एक रैली में लोगों से सवालिया लहजे में कहते हैं, मोदी द्वारा गोंडल को भेजे पानी को देखिए, यह नर्मदा का पानी हो सकता है लेकिन क्या यह साफ है? क्षेत्र में वोटरों की मिश्रित प्रतिक्रिया है। एक ओर जहां लोग पानी की कमी को मुद्दा मानते हैं वहीं दूसरी ओर लोग कहते हैं भाजपा ने यहां के लिए काम किया है। एक मतदाता ने कहा कि यह क्षेत्र सांप्रदायिक दंगों के लिए जाना जाता था लेकिन भाजपा के जयराज सिंह जडेजा [1998, 2002] जब चुनाव जीते माहौल शांत रहा। पिछले चुनाव में एनसीपी के चंदूभाई वघासिया ने जीत हासिल की थी।

झड़पिया को यहां पटेल और मुस्लिम समुदाय के सहयोग से चुनाव जीतने की उम्मीद है। यहां 35 हजार मुस्लिम वोटर हैं। पिछली बार इनके ध्रुवीकरण की वजह से एनसीपी की जीत हुई थी। जीपीपी उम्मीदवार ने कहा कि हमारी पार्टी नई है लोग हमें समझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जीत का अंतर कुछ भी रहे लेकिन वे चुनाव जीतेंगे।

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