इफको किसान ने अपने संचालन के पहले सम्पूर्ण वित्तीय वर्ष 20-21 के दौरान 1 लाख मीट्रिक टन पशु आहार बेचा

इफको किसान ने अपने संचालन के पहले सम्पूर्ण वित्तीय वर्ष 20-21 के दौरान 1 लाख मीट्रिक टन पशु आहार बेचा

नई दिल्ली, 19 मई, 2021: इफ़को किसान संचार लिमिटेड (इफ़को की एक सब्सिडरी) ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में रु 160 करोड़ कीमत का 1 लाख मीट्रिक टन पशु आहार बेचा है। अपने संचालन के पहले सम्पूर्ण वर्ष के दौरान कंपनी को उपभोक्ताओं से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान पायलट परियोजना के आधार पर पशु आहार का कारोबार शुरू किया था।

पशु आहार का कारोबार अब इफको किसान के कुल कारोबार में तकरीबन 30 फीसदी योगदान देता है और यह कंपनी के लिए विकास का मुख्य स्रोत है। अपने गुणवत्तापूर्ण पशु आहार के लिए उपभोक्ताओं से मिली शानदार प्रतिक्रिया के बाद दिल्ली-आधारित इफको किसान अब थर्ड पार्टी निर्माताओं के साथ क़रार पर ध्यान केन्द्रित कर रहा है, साथ ही अपनी खुद की पशु आहार निर्माण युनिट्स की स्थापना पर भी विचार कर रहा है।

‘‘हम पहले से 7 पशु आहार निर्माताओं के साथ क़रार कर चुके हैं। उपभोक्ताओं ने हमारे उत्पाद में बहुत अधिक भरोसा दिखाया है, अब 5 अन्य निर्माताओं के साथ क़रार करने जा रहे हैं।’’ श्री गणेश दास, नेशनल सेल्स हैड, इफ़को किसान संचार लिमिटेड ने कहा।

उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा कि कंपनी अब अपने खुद की निर्माण युनिट्स स्थापित करने पर भी विचार कर रही है। या फिर पशु आहार की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए लीज़ पर प्लांट्स लेगी।

‘‘इफको किसान को, पशु आहार की बेहतरीन गुणवत्ता के चलते उपभोक्ताओं से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। इफको किसान पशु आहार के निर्माण में सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता के कच्चे माल का उपयोग किया जाता है, इसके निर्माण के दौरान भारतीय मानक ब्यूरो के निर्देशानुसार सर्वोच्च मानकों का अनुपालन किया जाता है।’’ श्री दास ने कहा।

वर्तमान में बाज़ार में चार वेरिएन्ट्स की आपूर्ति की जा रही है (3 स्टार, 4 स्टार, 5 स्टार और 10 स्टार)। इसके अलावा खाल, मिक्स मावा तथा चिप्स भी चुनिंदा बाज़ारों में उपलब्ध हैं। कच्चे माल की खरीद से लेकर सम्पूर्ण निर्माण प्रक्रिया में गुणवत्ता के सख्त मानकों को सुनिश्चित किया जाता है। इफ़को किसान किसानों के साथ मिलकर काम करता है, कच्चे माल की खरीद सीधे किसानों से की जाती है, इससे गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ, किसानों को भी उचित कीमतें मिलती हैं, क्योंकि खरीद की प्रक्रिया में बिचौलिए नहीं रहते। इस तरह इफको किसान दो तरीके से किसानों को लाभान्वित कर रहा हैः एक गुणवत्तापूर्ण पशु आहार उपलब्ध कराकर और दूसरा उनके उत्पाद की अच्छी कीमत देकर उन्हें फायदा पहुंचा रहा है।

हमारी सभी निर्माण युनिट्स में इन-हाउस प्रयोगशालाएं हैं, जहां उत्पाद की गुणवत्ता की सख्त जांच की जाती है। श्री दास ने बताया।

‘‘हमारे पशु आहार में यूरिया की उचित मात्रा होती है। मानकों के अनुसार पशु आहार में यूरिया की मात्रा 1 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए। बाज़ार में उपलब्ध अन्य प्रकार के आहार में यूरिया अधिक मात्रा में होता है, हालांकि इससे पशु की दूध उत्पादकता बढ़ती है किंतु पशु के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इस तरह के पशु आहार के उपयोग से पशुओं में अधिक मृत्यु दर, गर्भपात की अधिक संभावना, गर्भधारण में देरी (10 दिन से अधिक सूखी अवधि) जैसे लक्षण देखे गए हैं। इफको किसान पशु आहार में यूरिया की उचित मात्रा होने के कारण, इसका पशु के स्वास्थ्य पर बुरा बसर नहीं पड़ता।’’ उन्होंने कहा।

पशु के मालिक के लिए भी ज़रूरी है कि वह अपने पशु के लिए संतुलित आहार का महत्व समझें। इस तरह का आहार बाज़ार में उपलब्ध अन्य पशु आहार की तुलना में बेहतर होता है। किंतु इस तरह का आहार ढूंढना किसान के लिए मुश्किल होता है जो सस्ता भी हो और जिसमें सभी पोषक तत्व सही मात्रा में मौजूद हों। इफको किसान पशु आहार में प्रोटीन, मिनरल, विटामिन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेड आदि सही मात्रा में होते हैं। इसे नेशनल डेयरी डेवलपमेन्ट बोर्ड के निर्देशानुसार बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता के अनाज, ब्रान, मोलेसेज़, मिनरल और विटामिन का उपयोग किया जाता है, यह पशु के लिए बेहद स्वादिष्ट होता है और साथ ही उनके समग्र स्वास्थ्य को सुनिश्चित करता है।

इंडियन फामर्स फर्टीलाइज़र को-ऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) के साथ साझेदारी में दूरसंचार जगत के दिग्गज भारती एयरटेल और स्टार ग्लोबल रिसोर्सेज़ लिमिटेड ने इफको किसान संचार लिमिटेड (इफको किसान) को प्रोमोट किया है। इफको की इफको किसान में 72.99 फीसदी हिस्सेदारी है।

इफको किसान चार प्रमुख क्षेत्रों में अपना संचालन करता है- किसानों के लिए वैल्यू एडेड सेवा प्रदाता; पशु आहार, कृषि तकनीकें, दूरसंचार एवं कॉल सेंटर सेवाएं। पशुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने और उनके दूध की उत्पादकता बढ़ाने के लिए इसमें पशु आहार के कारोबार में प्रवेश किया।

इंडियन फामर्स फर्टीलाइज़र को-ऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) भारत की सबसे बड़ी सहकारी समितियों में से एक है जिसका पूर्ण स्वामित्व भारतीय सहकारी समिति के पास है। 1967 में मात्र 57 सहकारी समितियों से साथ शुरू हुई इस संस्था के साथ आज 36000 से अधिक भारतीय सहकारी समितियां जुड़ी हैं, जो आम बीमा से लेकर ग्रामीण दूरसंचार तथा उर्वरकों के निर्माण एवं बिक्री तक कारोबारों की व्यापक रेंज में सक्रिय हैं।

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