मेटा ने भारत में सीबीएसई के साथ अपनी भागीदारी का विस्‍तार किया

नई दिल्‍ली, 15 दिसंबर 2021: मेटा के फ्यूल फॉर इंडिया, 2021 में मेटा के फाउंडर और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने यह घोषणा की थी कि उनकी कंपनी सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एज्‍युकेशन (सीबीएसई) के साथ अपनी भागीदारी का विस्‍तार करेगी। इस विस्‍तार के तहत भारत में 10 मिलियन से ज्‍यादा स्‍टूडेंट्स और 1 मिलियन टीचर्स के लिये डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन सेहत तथा ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) पर एक पाठ्यक्रम प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, शिक्षा को सर्वव्‍यापी बनाने के सरकार के विचार के अनुरूप मेटा और सीबीएसई उन मॉड्यूल्‍स के माध्‍यम से स्‍टूडेंट्स को गुणवत्‍तापूर्ण शै‍क्षणिक विषय-वस्‍तु तक ऑनलाइन पहुँच देकर हाई स्‍कूल के पाठ्यक्रम को लोकतांत्रिक बनाएंगे, जिन्‍हें सीबीएसई की वेबसाइट पर उपलब्‍ध किया जाएगा।
स्‍टूडेंट्स और टीचर्स को भविष्‍य के कार्यों के लिये तैयार करने और एक सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण और सीखने का अनुभव निर्मित करने के लक्ष्‍य से जून 2020 में ‘एफबी फॉर एज्‍युकेशन’ पहल का पहला चरण लॉन्‍च हुआ था। 500,000 से ज्‍यादा स्‍टूडेंट्स ने डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन सेहत में रुचि दिखाई और 14,000 से ज्‍यादा टीचर्स ने ऑगमेंटेड रियलिटी में प्रशिक्षण के लिये आवेदन किया।
अगले 3 वर्षों के लिये इस भागीदारी के अगले चरण की शुरूआत 2 नवंबर 2021 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्‍ली में एज्‍युकेटर्स राउंडटेबल से हुई थी। इसमें चुनिंदा प्रिंसिपल्‍स और टीचर्स ने भाग लिया था और फिर 1 दिसंबर 2021 को एक वेबिनार का आयोजन हुआ था, जिसमें 5000 से ज्‍यादा टीचर्स ने डिजिटल सेहत, डिजिटल नागरिकता और एआर/वीआर के इस्‍तेमाल से दिलचस्‍प स्‍टेम एज्‍युकेशन पर चर्चा की।
सीबीएसई के साथ भागीदारी भारत के लिये मेटा की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है और स्‍टेम एज्‍युकेशन को सर्वव्‍यापी बनाने की उनकी संयुक्‍त पहुंच दर्शाती है। इसके लिये यह सुनिश्चित किया जाता है कि पूरे भारत के स्‍टूडेंट्स की गुणवत्‍तापूर्ण शैक्षणिक विषय-वस्‍तु तक बराबर पहुँच हो, ताकि वे डिजिटल से सशक्‍त अर्थव्‍यवस्‍था में भविष्‍य के कार्य हेतु तैयार रहें। यह भागीदारी टीचर्स को भी नये युग के टूल्‍स और कुशलताओं से सशक्‍त करने पर लक्षित है, जो जनरेशन जेड और जनरेशन अल्‍फा के स्‍टूडेंट्स को जिम्‍मेदार डिजिटल नागरिकों के रूप में विकसित करने के लिये चाहिये।
नेशनल एज्‍युकेशन पॉलिसी (एनईपी) 2020 के अनुसार, मेटा और सीबीएसई कंटेन्‍ट को तैयार करने और पाठ्यक्रम को विकसित करने के लिये मिलकर काम करेंगे। पाठ्यक्रम में रोचक टेक्‍नोलॉजीज, ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) को जोड़ा जाएगा, जो कि बदलते डिजिटल परिदृश्‍य के लिये प्रासंगिक हैं। यह स्‍टूडेंट्स के लिये कुशलताओं के विषय होंगे। पाठ्यक्रम में ऑगमेंटेड रियलिटी के अनुभवों को जोड़ने से स्‍टूडेंट्स ज्‍यादा सक्रिय होकर सहकार्य कर सकेंगे और भविष्‍य की उभरती टेक्‍नोलॉजीज का इस्‍तेमाल करते हुए निर्माण करेंगे। रोचक शिक्षा से पढ़ाई की विभिन्‍न चुनौतियों और लैब रिसोर्सेस की कमी वाले स्‍टूडेंट्स भी दिलचस्‍प तरीके से पढ़ सकेंगे। सीबीएसई अपने कम्‍युनिटी स्किल सेंटर्स के माध्‍यम से भारत के कम सेवा प्राप्‍त क्षेत्रों में स्‍टूडेंट्स को सशक्‍त करेगा। नये युग की इन कुशलताओं को वह युवाओं के लिये उपलब्‍ध करेगा और संसाधनों तक बराबर पहुँच देकर डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था में निर्माता बनने में उनकी सहायता करेगा।
इस गठबंधन पर सीबीएसई में स्किल्‍स एज्‍युकेशन एंड ट्रेनिंग्‍स के डायरेक्‍टर डॉ. बिस्‍वजीत साहा ने कहा, “महामारी ने सभी को प्रभावित किया है। पढ़ाई की प्रक्रिया में अभूतपूर्व बदलाव हुआ है। इस बदलाव ने पढ़ाई की प्रक्रिया को आसान बनाने में चुनौतियों की एक दीवार खड़ी कर दी है। मेटा की सहायता से हम अपनी ऑनलाइन पढ़ाने और पाठ्यक्रम की क्षमताओं को बेहतर बनाने और उन्‍हें देशभर के स्‍टूडेंट्स के लिये उपलब्‍ध कराने की उम्‍मीद करते हैं। इस प्रोग्राम के पहले चरण को अच्‍छा प्रतिसाद मिला था, जिसके कारण हम इस भागीदारी का दायरा बढ़ाने के लिये प्रोत्‍साहित हुए। यह भागीदारी स्‍टूडेंट्स की संलग्‍नता के लिये ऑनलाइन टूल्‍स का प्रभावी इस्‍तेमाल करने के लिये जरूरी कुशलताओं से हमारे टीचर्स को सशक्‍त करने में सहायक होगी। यह समझते हुए कि ‘डिजिटल इंडिया’ का युग शुरू हो चुका है, हमारा लक्ष्‍य है पाठ्यक्रम में डिजिटल नागरिकता और ऑगमेंटेड रियलिटी को लाकर जिम्‍मेदार डिजिटल नागरिकों का निर्माण करना और सभी को गुणवत्‍तापूर्ण शैक्षणिक विषय-वस्‍तु प्रदान करना।‘’
फेसबुक इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्‍टर अजीत मोहन ने कहा, “भारत के डिजिटल सफर को लेकर जुनूनी और उत्‍साहित कंपनी होने के नाते हम टीचर्स और स्‍टूडेंट्स, दोनों को गुणवत्‍तापूर्ण डिजिटल टूल्‍स तक आसान पहुँच देने की कोशिश में हैं। इससे एक ज्‍यादा समावेशी और बराबरी वाले वातावरण को बढ़ावा मिलेगा। हम शिक्षा को सभी के लिये लोकतांत्रिक बनाने के सीबीएसई के लक्ष्‍य में उनके साथ हैं। हमारा मानना है कि देश के युवाओं को ऑनलाइन पढ़ाई के गुणवत्‍तापूर्ण संसाधनों और एआर के रूप में नई टेक्‍नोलॉजीज तक पहुँच मिलने से उनकी पढ़ाई का सफर बेहतरीन हो सकता है।”

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