सिंगापुर भेजने से पहले पीड़िता को पड़ा था दिल का दौरा

जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही दुष्कर्म पीड़ित युवती को बेहतर इलाज के लिए बुधवार देर रात आईजीआई एयरपोर्ट से सिंगापुर के लिए रवाना कर दिया गया। सफदरजंग अस्पातल से उसे रात करीब ग्यारह बजे एयरपोर्ट पर पहुंचाया गया। डोमेस्टिक एयरपोर्ट से रात करीब 11.35 बजे क्लब-वन के चार्टर्ड विमान ने सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल के लिए उड़ान भरी।

युवती के माता-पिता भी उसके साथ हैं। केंद्र सरकार ने सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग को पीड़िता के इलाज में हरसंभव मदद करने का आदेश दिया है। सरकार के सूत्रों के मुताबिक मंगलवार रात करीब 12 बजे पीड़ित को गंभीर दिल का दौरा पड़ा। इसके बाद से वह करीब 22 घंटे से बेहोश है। उसे जीवन रक्षक उपकरणों के सहारे रखा गया है। बुधवार को दिन भर मरीज के बारे में आधिकारिक बयान नहीं दिया गया। रोजना साढ़े चार बजे का मेडिकल बुलेटिन भी जारी नहीं किया गया। इससे कई प्रकार की अटकलें और व्यवस्था विरोधी माहौल बना रहा।

बुधवार रात 10.30 बजे जब एम्स ट्रामा सेंटर के प्रमुख डा. एमसी शर्मा से दैनिक जागरण ने बातचीत की तो उन्होंने बताया कि मंगलवार रात युवती को दिल का दौरा पड़ा था। वह करीब 22 घंटे से बेहोश है। उसे नींद की दवाएं दी गई हैं। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक दिल का दौरा पड़ने पर वेंटिलेटर का सपोर्ट बढ़ा दिया गया था। उधर, बुधवार शाम पांच बजे से रात आठ बजे तक पीड़ित के माता-पिता के साथ अस्पताल के डाक्टरों व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की लंबी बातचीत चली।

सुबह में मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डा. नरेश त्रेहन पीड़ित की जांच करने सफदजंग अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डाक्टरों की टीम को बताया कि उसकी स्थिति बेहद नाजुक है। तब अस्पताल प्रशासन व सरकार नींद से जागे। पीड़ित युवती व उसके माता-पिता व परिजनों का पहले से पासपोर्ट व वीजा नहीं था। एक ही दिन में पासपोर्ट वीजा तैयार किया गया। इसके बाद रात करीब 10:35 बजे एक साथ तीन एंबुलेंस सफदरजंग अस्पताल से निकलीं। युवती को मेदांता के एंबुलेंस में एयरपोर्ट ले जाया गया। इस दौरान गुड़गांव जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ पर यातायात को रोक दिया गया था। जबकि मीडिया का ध्यान भटकाने के लिए दो एंबुलेंस गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल गई।

रात 11.46 बजे बयान जारी कर सफदरगंज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. बीडी अथानी ने बताया कि युवती को 16 दिसंबर की रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सफदरजंग अस्पताल, एम्स व जीबी पंत अस्पताल के बेहतरीन डाक्टरों ने इलाज किया। उसकी तीन सर्जरी की गई है। डाक्टरों की टीम ने उसे बेहतर इलाज के लिए विदेश भेजने का फैसला किया। भारत सरकार ने एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराई और अन्य व्यवस्था की। सिंगापुर का माउंट एलिजाबेथ अस्पताल गंभीर मामलों के इलाज में डाक्टरों को महारत हासिल है। युवती की आंत पूरी तरह निकाली जा चुकी है। यहां पर आंत ट्रांसप्लांट की भी व्यवस्था है। डाक्टरों के मुताबिक चार्टर्ड विमान में पीड़ित के माता-पिता सहित चार परिजन, डा. नरेश त्रेहन, डा. यतीन मेहता सहित दस लोग गए हैं। हालांकि डा. त्रेहन के जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। डाक्टरों के मुताबिक पीड़ित के शरीर में आंतरिक रक्तस्त्राव बढ़ गया है। प्लेटलेट्स की मात्रा घट गई है व बिलरुबिन की मात्रा भी बढ़ गई है। रक्त में काफी संक्त्रमण है।

दोपहर से ही चल रही थी तैयारी

बताया जा रहा है कि विमान को एयर एंबुलेंस बनाने के लिए एयरपोर्ट पर दोपहर बाद से ही तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान विदेश जाने के लिए युवती व उसके परिजनों सहित डाक्टर व अधिकारियों का पासपोर्ट-वीजा भी तैयार करवाया गया। पीड़ित युवती के एयरपोर्ट पर पहुंचने से पहले ही सभी एजेंसियों ने तैयारियां पूरी कर रखी थीं। जैसे ही अस्पताल की एंबुलेंस एयरपोर्ट पहुंची युवती व अन्य सदस्यों को तुरंत चार्टर्ड विमान में पहुंचा दिया गया।

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