दिल्ली के पांच छात्र केरल में डूबे

दिल्ली के पांच छात्रों की केरल की पेरियार नदी में डूबने से मौत हो गई। सभी छात्र एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) कैडेट्स थे। छात्र ट्रैकिंग कैंप में भाग लेने के लिए केरल गए थे। दुर्घटना तब हुई जब वे फोटो खींचने नदी में उतरे और भंवर में फंस गए। मृतक छात्रों की पहचान कर ली गई है। उनके नाम जिशान (19), ताबिश(19), दिलशाद आलम (18) गुलवेज अहमद (18) और हेमंत कुमार (15) हैं। इनमें से तीन छात्र जामिया विश्वविद्यालय के, एक डीयू से और एक सरकारी स्कूल से शामिल है। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इस दुर्घटना पर शोक जताया है।

उन्होंने बताया कि हादसा एर्नाकुलम जिले में हुआ। सभी छात्र 23 से 30 दिसंबर तक कोच्चि के नजदीक मल्यट्टूर में राष्ट्रीय ट्रैकिंग कैंप में भाग लेने गए थे। उन्होंने जांच कमेटी गठित करने के साथ मृतक के परिजनों को 3.50 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।

रक्षा मंत्रालय ने छात्रों के शव विमान से दिल्ली लाने और अंतिम संस्कार की व्यवस्था के निर्देश दिया है। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में एनसीसी यूनिट प्रभारी और डिप्टी डीन प्रो. एमयू खान ने बताया कि उनके यहां से कैंप में 12 छात्र ट्रैकिंग कैंप में गए थे। इनमें से दस छात्र सीनियर विंग से और दो छात्र जामिया स्कूल से थे। पेरियार नदी में डूबने वाले तीन छात्र सीनियर विंग के हैं। वह जामिया पॉलीटेक्निक में डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग के द्वितीय वर्ष में पढ़ाई कर रहे थे। छात्रों के नाम जिशान, ताबिश और दिलशाद आलम हैं। मृतकों में एक छात्र शहीद भगत सिंह कॉलेज के बीए प्रोग्राम प्रथम वर्ष में पढ़ाई कर रहा था।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीके खुराना ने बताया कि उनके यहां से 11 छात्र ट्रैकिंग कैंप में गए थे। इनमें से गुलवेज अहमद की मौत की सूचना आई है। इसके अलावा कालकाजी डीडीए फ्लैट स्थित राजकीय उच्चतम माध्यमिक बाल विद्यालय के नौंवी के छात्र हेमंत कुमार की भी मौत हुई है। इस बारे में एनसीसी निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी कमल सूरी ने बताया कि वह शैक्षणिक संस्थानों में जाने के साथ ही लगातार उनके संपर्क में हैं। छात्रों के घर की जानकारी लेकर परिजनों को सूचित किया जाएगा।

महागोनी फॉरेस्ट प्लांटेशन गए थे कैडेट्स

कैंप में एनसीसी के प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल मधुसूदनन ने बताया कि कैडेट रोजाना अलग-अलग पहाड़ी रास्ते पर पैदल जाते थे। बुधवार को वे नदी के पास मूलामकुझी स्थित महागोनी फॉरेस्ट प्लांटेशन गए थे। कैडेट फोटो खींचने नदी में उतरे और भंवर में फंस गए। कुछ ही पलों में वे डूब गए। उन्होंने कहा कि एनसीसी के सभी शिविरों के लिए यह स्थाई आदेश लागू है कि कैडेट किसी भी नदी, झील, तालाब आदि पर न जाएं। उन्हें भी कहा गया था कि पानी में न जाएं लेकिन इन लोगों ने कहा कि हमलोग सिर्फ कुछ तस्वीरें लेने जा रहे हैं।

कैंप का आयोजन केरल एनसीसी महानिदेशालय का एर्नाकुलम एनसीसी ग्रुप ने किया था। यह ग्रुप पिछले चार साल से ऐसे कैंप का आयोजन कर रहा है। कैंप में 16 राज्यों के एक हजार से अधिक छात्र भाग ले रहे हैं।

 

Leave a Comment