दिल्ली गैंगरेप: सिंगापुर में भर्ती लड़की की हालत बेहद नाजुक

पिछले बारह दिनों से जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही दिल्ली गैंगरेप की शिकार लड़की को बेहद नाजुक हालत में गुरुवार को यहां लाया गया। उसे यहां बहु अंग प्रतिरोपण के लिए प्रसिद्ध अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सामूहिक बलात्कार पीड़ित इस 23 वर्षीया लड़की का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था। वह अब भी वेंटीलेटर पर है। गुरुवार की सुबह एक एयर एंबुलेंस से उसे यहां लाया गया है। उसके साथ डॉक्टरों की टीम और परिवार के सदस्य भी हैं। अस्पताल के एक प्रवक्ता ने बताया कि मरीज को माउंट एलिजाबेथ अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई [आइसीयू] में अत्यंत नाजुक स्थिति में सुबह में भर्ती किया गया। उसका इलाज जारी है। अस्पताल भारतीय उच्चायोग के संपर्क में है। हमारा आग्रह है कि मरीज और परिवार की निजता का आदर किया जाए।

इसके पहले सिंगापुर के उच्चायोग ने कहा कि उस युवती को लेकर आया विमान चांगी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुबह साढ़े सात बजे [भारतीय समय के अनुसार सुबह पांच बजे] उतरा। उसे सफदरजंग से यहां लाने का निर्णय सरकार के शीर्ष स्तर पर लिया गया। सरकार इलाज का पूरा खर्च खुद उठाने की पहले ही घोषणा कर चुकी है।

ज्ञातव्य है कि 16 दिसंबर युवती के साथ चलती बस में बर्बरतापूर्ण तरीके से सामूहिक दुष्कर्म हुआ था और उसके बाद उसे बस से नीचे फेंक दिया गया था। उसका तीन बार ऑपरेशन किया जा चुका है लेकिन हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। उच्चायोग ने एक बयान में कहा है कि अस्पताल में युवती का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उच्चायोग उसके परिवार को हर संभव सहायता मुहैया करा रहा है। उच्चायोग ने यह भी कहा है कि अस्पताल और मरीज के परिजनों ने अपनी निजता की रक्षा करने का आग्रह किया है। बयान में कहा गया है कि हमारे पास मरीज की हालत की जानकारी से जुड़े बहुत सारे प्रश्न प्राप्त हुए हैं। बहुत सारे लोगों ने मदद का भी प्रस्ताव दिया है। अभी की स्थिति में हम मरीज और परिवार के सदस्यों की निजता बनाए रखने का आग्रह करते हैं ताकि सही ढंग से उसका इलाज चल सके।

नई दिल्ली में गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि सरकार पीड़िता के इलाज में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि जब डॉक्टरों की टीम ने सरकार को सलाह दी कि उसे इलाज के लिए विदेश भेजा जा सकता है तो सरकार ने सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायुक्त को जरूरी इंतजाम करने का आदेश दिया गया। पीड़िता और उसके परिवार के कुछ सदस्यों के लिए पासपोर्ट और सिंगापुर जाने का वीजा विदेश मंत्रालय तेजी से हासिल किया। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक में सेवानिवृत्ता न्यायाधीश उषा मेहरा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग गठित करने का निर्णय लिया गया जो इस युवती के मामले में हुई गलतियों और जिम्मेदारी किसकी थी इसकी पहचान करने का काम करेगी।

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