नयी दिल्ली, 8 जून, 2022: के12 विद्यार्थियों के लिए भारत की सबसे तेजी से बढ़ती शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक माइंडबॉक्स ने बच्चों की गर्मी की छुट्टियों को सार्थक बनाने और उन्हें 21वीं सदी के कौशल से सशक्त बनाने के उद्देश्य से अपनी डिजाइन एवं कोडिंग आधारित ग्रीष्मकालीन पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। गर्मी का सीजन अपने चरम पर पहुंचने के साथ ये कोर्स आपके बच्चों का उत्साह बनाए रखने और उनकी रचनात्मकता बढ़ाने के साथ ही उनका शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक विकास सुनिश्चित करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
माइंडबॉक्स की डिजाइन आधारित इन पाठ्यक्रमों में 2डी एनिमेशन, मल्टीमीडिया डिजाइन, ग्राफिक डिजाइन-फोटोशॉप , डिजिटल डिजाइन-स्केचअप, फाइटॉन के साथ एआई आदि शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों को प्रत्येक बच्चे की जरूरत, रूचि, सीखने की क्षमता और शैली के मुताबिक तैयार किया गया है जिससे उन्हें अकादमिक और इससे आगे के लिए तैयार करने में मदद मिल सके। प्रोजेक्ट और डिजाइन आधारित अध्यापन पद्धति का उपयोग कर ये पाठ्यक्रम दुनिया की वास्तविक समस्याओं के लिए स्ट्रीम अप्लाई करने और समाधान या प्रोटोटाइप तैयार करने की दिशा में प्रोत्साहित करते हैं। बच्चों की शिक्षा में विशेषज्ञता के साथ कोडर्स और डिजाइनरों की अत्यधिक सक्षम और योग्य टीम द्वारा अत्यधिक सहयोगात्मक विद्यार्थी केंद्रित 1:1 सीखने की पद्धति से माइंडबॉक्स बड़ी आसानी बच्चों को कार्यों में लगाए रखने में समर्थ होती है। ये पाठ्यक्रम एक महीने/ 8 कक्षाओं के लिए 7,199 रूपये से लेकर चार महीने/ 32 कक्षाओं के लिए 27,499 रूपये तक में उपलब्ध होंगे।
माइंडबॉक्स के संस्थापक ऋषि खेमका ने कहा, “इन ग्रीष्मकालीन कार्यक्रमों को पेश करने के पीछे हमारा विजन 21वीं सदी के कौशल के साथ बच्चों को सशक्त करना और बच्चे जिस नजरिये से डिजाइन और नयी पीढ़ी की अन्य प्रौद्योगिकियों जैसे एआई को देखते हैं, उनको नयी परिकल्पना प्रदान करना है। प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित इस दुनिया में डिजाइन, कोडिंग और एआई के क्षेत्र में काम कर रहे पेशेवरों की मांग जबरदस्त ढंग से बढ़ने वाली है। ये प्रोग्राम के12 बच्चों को उनकी वास्तविक संभावना का दोहन करने और उन्हें सही कौशल और ज्ञान से सशक्त कर उपभोक्ता के बजाय सृजनकर्ता बनने में मदद करेगा जिससे आगे उन्हें समाधान निकालने वाली सोच विकसित करने में मदद मिलेगी।”
डिजाइन आधारित ये पाठ्यक्रम चीजों को देखने के आपके बच्चे के दृष्टिकोण में परिवर्तन लाने में सहायत हो सकते हैं और भविष्य में उनके के लिए नए आर्थिक फायदों और बेहतर गुणवत्ता का जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। उद्योग के हाल के अनुमान के मुताबिक, भारत में डिजाइन उद्योग सालाना 23 से 25 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। इस उद्योग में कई तरह के विकल्प जैसे फोटो, ग्राफिक्स, लिविंग स्पेस, गेम्स, वेबसाइट, टेंप्लेट्स, उत्पाद सेवाएं, थीम और यहां तक कि इंटरफेस आदि उपलब्ध हैं। आज की दुनिया में यूआई/एक्स, एआई, एनिमेशन डिजाइनिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग के विशेषज्ञों की ऑटोमोबाइल, आईटी, हॉस्पिटैलिटी, रिटेल, मीडिया/ प्रकाशन, शिक्षा, रीयल एस्टेट और यहां तक सरकारी स्तर पर काफी मांग है।
माइंडबॉक्स भारत का पहला स्टेम मान्यता प्राप्त संगठन है जो माया, यूनिटी, कोडुलर, ब्लेंडर, जी-डेवलप, फोटोशॉप , स्केचअप आदि जैसे पेशेवर सॉफ्टवेयर एवं टूल्स 6 से 18 वर्ष की आयु समूह के स्कूली विद्यार्थियों को पढ़ाने-सिखाने के लिए समर्पित है। अपनी स्थापना के समय से ही माइंडबॉक्स ने 35,000 से अधिक विद्यार्थियों का एक समुदाय बनाया है और 20 से अधिक देशों के 50 से ज्यादा स्कूलों को अपनी सेवाएं दे रहा है और इस साल के अंत तकएक लाख से अधिक विद्यार्थियों को सशक्त बनाने और 30 से अधिक देशों के 150 से ज्यादा स्कूलों को सेवाएं देने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।