ड्यूओलिंगो के नए लर्निंग ऐप ‘ड्यूओलिंगो एबीसी’ ने भारत में 3 से 8 साल तक के बच्‍चों के लिये पढ़ाई को गेमिफाई किया

नई दिल्ली, फरवरी, 2023: दुनिया के सबसे लोकप्रिय लैंग्‍वेज लर्निंग ऐप ड्यूओलिंगो ने आज भारत में ‘ड्यूओलिंगो एबीसी’ ऐप लॉन्‍च किया है, जिसे 3 से 8 साल के बच्‍चों की अंग्रेजी पढ़ने और लिखना सीखने में मदद करने के लिये डिजाइन किया गया है। लर्निंग साइंटिस्‍ट्स द्वारा विकसित ड्यूओलिंगो एबीसी बच्‍चों के लिये फ्री-टू-यूज ऐप है, जिसमें 700 से ज्‍यादा बाइट-साइज्‍ड लेसंस, अल्‍फाबेट्स, फोनिक्‍स की टीचिंग और साइड वर्ड्स एक मजेदार गेमिफाइड तरीके में हैं। यह प्‍लेटफॉर्म सीखने के एक अलग मॉडल की पेशकश करता है, जिसमें शुरूआत के लिये 9 अलग लेवल्‍स हैं, ताकि बच्‍चे अपनी गति से सीख सकें और आत्‍मविश्‍वास निर्मित कर सकें।
स्‍वतंत्र और प्रभावी ढंग से सीखने के लिये एक मजेदार और दोस्‍ताना साथी: ड्यूओलिंगो एबीसी खासकर नन्‍हें यूजर्स के लिये डिजाइन की गई है, ताकि उन्‍हें स्‍वतंत्र रूप से सीखने में मदद मिले। बच्‍चों के अनुकूल इंटरफेस के साथ और विज्ञापनों तथा इन-ऐप पर्चेसेस के बिना यह ऐप पढ़ने को बच्‍चों के लिये मजेदार और आसान बनाता है और पैरेंट्स, गार्जियंस और शिक्षक अपने बच्‍चे के सीखने की प्रगति पर नजर भी रख सकते हैं। इसके अलावा, यह ऐप्‍लीकेशन बच्‍चे के पढ़ने के स्‍तर के आधार पर पढ़ाई के अनुभव को कस्‍टमाइज करता है, शुरूआती स्‍तरों पर डिकोड करने के लिये छोटे और आसान शब्‍द और कहानियाँ देता है और बाद के स्‍तरों में कम सहायता के साथ बड़ी कहानियाँ देता है। इस ऐप में निजीकृत पाठ होते हैं, जैसे कि बच्‍चों को खुद का नाम लिखना सिखाना और अक्षर लेखन की गतिविधियाँ, जो बच्‍चों को हर लोअरकेस और कैपिटल लेटर सिखाती हैं।
गेमिफिकेशन से बच्‍चों को पढ़ने के लिये प्रेरित करना: गेम जैसे कई फीचर्स वाला ड्यूओलिंगो एबीसी बच्‍चे के सीखने के अनुभव को ज्‍यादा रोचक और मजेदार बनाने के लिये है। यह लर्निंग ऐप कई सारे गेमिफाइड लेसंस की पेशकश करता है, ताकि बच्‍चे इंटरैक्टिव गतिविधियों के जरिये ज्‍यादा सीखें। इन रोचक गतिविधियों में किस्‍म-किस्‍म की तकनीकें होती हैं, जेसे कि उंगलियों से अक्षरों को समझना, तस्‍वीरों को वाक्‍यों से जोड़ना, अक्षर विशेष से शुरू होने वाली चीजों को पहचानना, आदि। छोटे पाठों के अलावा ड्यूओलिंगो एबीसी के पास पूरे विवरण वाली दर्जनों लघु कथाएं हैं, ताकि बच्‍चे जोर देकर पढ़ने के लिये प्रोत्‍साहित हों और स्‍पीच रिकॉग्निशन के रियल-टाइम फीडबैक से सीखें। यह कहानियाँ नन्‍हे बच्‍चों में सीखने और पढ़ने के प्रति जीवनभर का प्‍यार विकसित करने में मदद के लिये तैयार की गई हैं।
पढ़ाने की आजमाई और परखी गई प्रणाली पर निर्मित: ड्यूओलिंगो की पढ़ाने की प्रणाली ‘कॉमन कोर’ मानकों के अनुसार है और नेशरल रीडिंग पैनल की अनुशंसाओं पर आधारित है, ताकि बच्‍चों में फोनेमिक अवेयरनेस, फ्लूएंसी, फोनिक्‍स और पढ़ने की समझ सुधरे। द एज्‍युकेशन डेवलपमेंट सेंटर के शोध के मुताबिक, ड्यूओलिंगो एबीसी की पढ़ाने की प्रणाली ने इस ऐप का 9 हफ्ते तक इस्‍तेमाल करने वाले बच्‍चों के साक्षरता स्‍कोर 28% बढ़ा दिये।
भारत में ड्यूओलिंगो एबीसी के लॉन्‍च पर अपनी बात रखते हुए, ड्यूओलिंगो के कंट्री मार्केटिंग मैनेजर करणदीप सिंह कपानी ने कहा, “ड्यूओलिंगो का मिशन पढ़ाई को हर किसी के लिये मुफ्त, मजेदार और सुलभ बनाना है । हम बच्‍चों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करना और एक फ्री टूल पेश करना चाहते थे, जो कि शुरूआती पढ़ाई में उनकी मदद करे और साक्षरता के मामले में उनकी नींव को मजबूत करे। बच्‍चों की समस्‍याओं, जैसे कि पढ़ाई करने में कमी, व्‍यवहार की समस्‍याएं, स्‍कूली साल का दोहराव और स्‍कूल छोड़ना, को दूर करने के लिये साक्षरता के मामले में एक मजबूत आधार बहुत जरूरी है। हम जानते हैं कि लोगों को पढ़ना और लिखना सिखाने से जिन्‍दगी बदल सकती है और लोग भाषाओं को कैसे सीखते हैं, इस पर अपनी पूरी जानकारी के साथ हम ड्यूओलिंगो एबीसी से बच्‍चों को प्रोत्‍साहित और प्रेरित करने में अपनी विशेषज्ञता का इस्‍तेमाल करना चाहते हैं, ताकि गेमिफिकेशन से साक्षरता का एक मजबूत आधार निर्मित हो और जिन्‍दगी पर सकारात्‍मक असर पड़े।‘’
ड्यूओलिंगो एबीसी अब भारत में यूजर्स के लिये उपलब्‍ध है और इसे गूगल प्‍ले स्‍टोर और ऐप स्‍टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

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