गोरखपुर में निरोगस्ट्रीट वैद्य संपर्क अभियान का आयोजन

गोरखपुर। 17 जून, 2023 ।। शतायु जीवन के लिए आयुर्वेद द्वारा निर्धारित जीवनशैली का पालन करना बेहद आवश्यक है। दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार-विहार और ब्रह्मचर्य का पालन न करने से ही लाइफ स्टाइल डिजॉर्डर जैसे थायराइड, मधुमेह, हार्मोनल असंतुलन जैसे रोग होते हैं। यदि हम अपनी जीवनशैली को ठीक कर लें तो लंबी आयु पा सकते हैं। साथ ही बिना औषधि या कम औषधि के भी बीमारियों पर विजय पा सकते हैं। गोरखपुर के वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर विनोद कुमार मिश्रा ने उपरोक्त बाते ‘निरोगस्ट्रीट वैद्य संपर्क अभियान’ के कार्यक्रम में चर्चा के दौरान कही।
निरोगस्ट्रीट वैद्य संपर्क अभियान की शुरुआत 18 अप्रैल को गाजियाबाद से हुई थी। उसके बाद नोयडा, हाथरस, आगरा, नयी दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया और नागपुर में कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि वैद्य संपर्क अभियान को भारत सरकार के आयुष मंत्रालय का भी समर्थन प्राप्त है जिसका उद्घाटन आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा ने किया था।
गोरखपुर में शनिवार को संध्याकाल में हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वैद्यों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस मौके पर जीवनशैली बीमारियों पर चिकित्सकों की बीच चर्चा हुई जिसे डॉ. अभिषेक गुप्ता ने मॉडरेट किया।
चर्चा में भाग लेते हुए वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर प्रतिमा श्रीवास्तव ने स्वस्थ्य जीवन के लिए बाहर के खाने से परहेज करने की सलाह दी। साथ ही समय से सोने और जागने की आदत को अपनाने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा जरूर बनाएं, तभी आप स्वस्थ्य जीवन जी पाएंगे।
वही डॉ विनय प्रणाचार्य ने जीवन में दिनचर्या और ऋतुचर्या को महत्वपूर्ण मानते हुए कहा कि ये दोनो आयुर्वेद के आवश्यक अंग हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का मूल उद्देश्य स्वस्थ्य व्यक्ति का स्वास्थ्य बना रहे और उसे रोग हो ही न हो। इस दृष्टिकोण से यह आयुर्वेद का प्रथम सोपान है। उचित आहार-विहार से कई बीमारियां स्वतः ही ठीक हो जाती है।
डॉक्टर प्रतिभा त्रिपाठी ने महिलाओं में मासिक धर्म में अनियमितता का प्रमुख कारण जीवनशैली की गड़बड़ी को बताया। उन्होंने गलत जीवनशैली को पीसीओडी बीमारी का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि इन सबकी उत्तम औषधि आयुर्वेद में ही है।
कार्यक्रम के अंत में वैद्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। यह सम्मान संस्थान की तरफ से निरोगस्ट्रीट के संस्थापक और सीइओ राम एन कुमार ने प्रदान किया।

निरोगस्ट्रीट के बारे में :
आयुर्वेद के क्षेत्र में निरोगस्ट्रीट देश का अग्रणी संगठन है जो आयुर्वेद हेल्थकेयर इकोसिस्टम में एक अनूठी अवधारणा है और जिसका उद्देश्य आयुर्वेद उपचार को लोगों की पहली प्राथमिकता बनाना है। यह प्रौद्योगिकी-संचालित सामुदायिक और सामाजिक वाणिज्य मंच सर्वश्रेष्ठ प्रैक्टिस को लागू करने और गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने पर ध्यान देने के साथ वैश्विक स्तर पर प्रामाणिक आयुर्वेद डॉक्टरों तक पहुंच प्रदान करता है। दुनिया तेजी से जैसे-जैसे प्रतिक्रियाशील से सक्रिय स्वास्थ्य सेवा की ओर बढ़ रही है, आयुर्वेद जैसे समग्र उपचार विधियों की मांग सर्वकालिक उच्च स्तर पर है। निरोगस्ट्रीट समाज में स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए चिकित्सकों के व्यापक नेटवर्क का लाभ उठाता है। प्रौद्योगिकी-आधारित हस्तक्षेप के साथ, निरोगस्ट्रीट सरकार, नियामकों और अनुसंधान संगठनों के साथ मिलकर डॉक्टरों को सशक्त बनाता है। निरोगस्ट्रीट डॉक्टरों को केस स्टडी और शोध रिपोर्ट बनाने और प्रकाशित करने के लिए भी प्रोत्साहित करती है ताकि आधुनिक चिकित्सा के समान साक्ष्य-आधारित उपचार को बढ़ावा मिल सके।

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