पृथ्वी पर मानव एवं जीव जंतुओं का अस्तित्व खतरे में

सागरः वैश्विक उष्मीकरण के नकारात्मक प्रभाव से कोई नहीं बच सकता। इसलिए हमें इसको कम करने के सतत प्रयास करने की आवश्यकता है । यदि ऐसा नहीं हुआ तो मानव जीवन के साथ पृथ्वी पर रहने वाली समस्त प्रजातियों का अस्तित्व खतरे में हो जाएगा। उक्त उद्गार डॉ अश्वनी कुमार दुबे जाने माने राष्ट्रीय पर्यावरणविद् ने विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित वेबीनार में व्यक्त किये। इनफिनिटी मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग कॉलेज सागर तथा मध्य प्रदेश शासन एवं नीति आयोग भारत सरकार से संबद्ध एनवायरनमेंट एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी खजुराहो के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस पर अतिथि व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ अश्वनी कुमार दुबे राष्ट्रीय अध्यक्ष एनवायरनमेंट एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी एवं गेस्ट प्रोफेसर प्राणीशास्त्र श्री राजीव गांधी शासकीय महाविद्यालय बंडा जिला सागर, डॉ प्रज्ञा खन्ना प्राचार्य गिरदारी लाल मेमोरियल शासकीय महाविद्यालय हीरानगर जम्मू, डॉ अमित पाल पूर्व विभाग अध्यक्ष पर्यावरण विभाग बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी उत्तर प्रदेश ने वैश्विक उष्मीकरण, जलवायु परिवर्तन एवं जैव विविधता संरक्षण पर अपने अपने विशेष व्याख्यान दिये । इस अवसर पर इंफिनिटी महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ रामकुमार पाठक एवं प्राचार्य डॉ नवदीप कौर सलूजा ने पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किये। वेबीनार में सैकड़ो शोधार्थी पर्यावरणविद् के साथ डॉक्टर उलरिक बर्क जर्मनी से जुड़े रहे । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती स्नेहा साहू, शिव गुरु ने तकनीकी सहयोग एवं आभार डॉ शशि ठाकुर ने किया ।

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