नई दिल्ली सीआरपीएफ 139 बटालियन के स्थापना दिवस के अवसर पर बटालियन में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें जवानों के बलिदान को याद कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित, वाॅलीबाॅल मैच, रस्सा-कस्सी खेल, सैनिक सम्मेलन (सभा) के पश्चात चाय-नाश्ता (अल्पाहार) जैसी गतिविधियो के बीच हेड कांस्टेबल गणपत लाल उदय के द्वारा रचित एकल काव्य संग्रह (पुस्तक) दिल से सैनिक आत्मा से कवि का किया विमोचन।
दिल से सैनिक आत्मा से कवि पुस्तक का प्रकाशन मधुशाला प्रकाशन प्रायवेट लिमिटेड, राजकीय अस्पताल के पास, विकास नगर, भरतपुर, राजस्थान (भारत) पिन कोड नम्बर- 321001 द्वारा किया गया है। इसमें 170 पृष्ठ है और 146 कविताएं। जिसका आईएसबीएन 978-93-7428-246-5 है। इस पुस्तक की कीमत 320 रुपए है जो दो दिन पश्चात अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर आ जायेंगी।
दिल से सैनिक आत्मा से कवि कृति का भाव लोक (भूमिका) वेद प्रकाश शर्मा ‘वेद’ कवि समीक्षक एवम साहित्यकार सेवा निवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी ने किया है जो खेड़ली रोड़, बृजनगर (डीग) भरतपुर के निवासी है।
इस पुस्तक में उदय के भाईयों द्वारा शुभकामनाएं संदेश भी प्रकाशित है।
इस दिन पुस्तक विमोचन का बहुत ही सुन्दर योग बना है एक दिन पहले पुस्तक प्रकाशित होकर मुझे मिलना और आज बटालियन स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर उसका विमोचन। इस अवसर पर सैनिक कवि उदय ने अपनी रचित कविता “सी आर पी एफ जवान हूं” का पाठ किया। पुस्तक प्रकाशन पर अजमेर से संस्कार न्यूज के संपादक विजय कुमार शर्मा ने भी फोन द्वारा शुभकामनाएं दी।
इस विमोचन कार्यक्रम के दौरान बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी अभिराम पंकज, एडजुटेंट सुरेन्द्र कुमार यादव, परिवहन अधिकारी दिनेश पाल सिंह, कम्पनी कमांडर श्रीमती नीतू मिश्रा, कम्पनी कमांडर अजय कुमार
सूबेदार मेजर मुकेश मीना, इंस्पेक्टर दीपक कुमार, एस आई राजीव सहाय, एसआई कृष्ण पंवार, एसआई राकेश सोनी, एएसआई बृजेश कुमार, एएसआई पी एस ओझा, एएसआई पवन कुमार, एएसआई राकेश सिंह, हेड कांस्टेबल प्रमोद शर्मा, राम सुन्दर, रामनिवास, रफीक अहमद, हेड कांस्टेबल/आरओ मुन्ना सिंह, रामपाल सिंह, कांस्टेबल अनुज तिवारी, सतीश पी, अजय कुमार, हंसवीर, अरविंद सोनी, चंदन कुमार, विनोद कुमार, आदित्य मिश्रा, सहित अनेक अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहें।
सैनिक सम्मेलन के पश्चात द्वितीय कमान अधिकारी ने बटालियन के स्थापना दिवस और पुस्तक विमोचन की
सफलता के लिए सभी जवानों और उदय को बधाई देकर उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही सभी जवानों को पुस्तकें पढ़ने की सलाह दी।
सैनिक कवि
गणपत लाल उदय अजमेर राजस्थान
कार्यरत मंडोली जेल (नई दिल्ली)