दर्द चाहे जेतना छुपावऽ,
अँखिया सब बयाँ कऽ दइत हए।
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार एवं ‘सामयिक परिवेश’ के संयुक्त तत्वावधान में 11वें आदिशक्ति प्रेमनाथ खन्ना तीन दिवसीय समारोह के अंतर्गत 28 जुलाई 2026 को पटना संग्रहालय में एक भव्य कवि सम्मेलन, पत्रिका विमोचन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
इस अवसर पर ममता मेहरोत्रा ने कहा कि “पिता की स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम मन को सुकून और नई ऊर्जा प्रदान करता है। कविता मन के भावों एवं सामाजिक जीवन को अभिव्यक्त करने का अत्यंत सुंदर माध्यम है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि ज्वालासांध्य पुष्प ने की। उन्होंने कहा कि बज्जिका को आगे बढ़ाने के लिए सभी को लिखने के साथ अपनी भाषा में लिखना भी अत्यावश्यक है।
कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन हिन्दी, बज्जिका की लेखिका सविता राज ने अत्यंत कुशलता से किया। उनके प्रभावी संचालन ने कवियों एवं श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा।
इस अवसर पर देशभर के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवियों ने सामाजिक सरोकार, मानवीय मूल्य, देश-प्रेम एवं नारी शक्ति पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं, जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा।
समारोह में ‘सामयिक परिवेश’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया। साथ ही साहित्य, कला एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम मे शिरकत करने वाले कवियों में ज्वाला सांध्यपुष्प,अमिताभ कुमार सिन्हा,ममता मेहरोत्रा, मणिभूषण प्रसाद सिंह अकेला,जनार्दन मिश्रा,सविता राज,ब्रजेश राणा,नन्द किशोर साहु,आभा अनुरंजिता, डॉ. विद्या चौधरी, सुरेश वर्मा, मुकेश कुमार मृदुल,अवधेश त्रिषित. पुष्पा गुप्ता,आशीश अकिंचन,दिनेश कुमार सिन्हा, अखौरी चन्द्रशेखर,
ज्योति सिन्हा, रूपम सिन्हा प्रमुख थे।आभार ज्ञापन अशोक कुमार सिन्हा ने किया।
*सविता राज*