29, जुलाई ओलिंपिक हाकी स्वर्ण पदक विजय दिवस विशेष

श्याम कुमार राई 
      ‘सलुवावाला’
    दोस्तो, आज 29 जुलाई है। हमारे देश के लिए आज बड़े ही हर्ष का दिन है… इसी तारीख को सन् 1980 में हमने मास्को ओलंपिक में स्पेन को 4-3 गोलों से पराजित कर हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था।
     मगर यह भी जानना जरूरी है कि हॉकी में हासिल किया जाने वाला यह अब तक का आखिरी ओलिंपिक स्वर्ण पदक है। इस बात को आज पूरे 46 वर्ष बीत चुके हैं। मगर अफसोस है कि फिर हम इस ऊंचाई को छू नहीं पाए।  हां सन् 2020 के टोकियो और 2024 के पेरिस ओलिंपिक में कांस्य पदक। …जरूर जीता था। पांच दशक बीतने को आ रहे हैं, पर 1980 के बाद अब तक 11 ओलिंपिक संपन्न हो चुके हैं और 46 साल का लंबा समय बीत चुका है पर 1980 के बाद ओलिम्पिक में हाकी का  स्वर्ण पदक हम जीत नहीं पाए  हैं।
     कहने को तो हमने ओलिंपिक की हॉकी प्रतियोगिताओं में अब तक 8 स्वर्ण पदक जीते हैं यह एक कीर्तिमान है। पर ये इतिहास की बात है।
      यह जानकर अजीब लग सकता है कि एक समय ऐसा भी था जब कई देश भारत के साथ खेलने का अवसर पाने पर ही अपने को भाग्यशाली समझा करते थे। पर, आज वे सभी देश हमसे बहुत आगे निकल चुके हैं। सवाल उठना स्वाभाविक है कि हॉकी में आज हमारी ऐसी दुर्दशा क्यों हैं? दुर्दशा भी ऐसी कि सन् 2008 के बीजिंग ओलंपिक खेलों में तो हमारी टीम हॉकी प्रतियोगिता में शामिल होने की पात्रता भी हासिल नहीं कर पाई थी।
     बहरहाल, यहां हम कागजों पर कितना भी शोर मचा ले पर हाकी के स्तर को खेल के कर्ता धर्ता ही ऊपर ले जाएंगे।  एक खेलप्रेमी होने के नाते साथ ही प्रत्येक देशवासी यही चाहेंगे कि हाकी में हमारी जो प्रतिष्ठा थी, धाक थी वो पुनर्स्थापित हो। ऐसा नहीं कि ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने में अतिरिक्त कशिश करनी होगी हम हाकी खेल के शीर्ष पर थे। हमारे यहां हाकी का जादूगर  ध्यान चंद जैसा विश्व का एक चमत्कारी खिलाड़ी था। हमें सिर्फ वही जज्बा माहौल और खेल के प्रति जुनून पैदा करना होगा जिससे ध्यान चंद, रूपचंद, के.डी. बाबू, शंकर लक्ष्मण, बलबीर सिंह, धनराज पिल्लई, असलम शेर खान, मोहम्मद  शाहिद जैसे खिलाड़ी फिर से हमारी धरती पर पैदा हों और हम हाकी के सिरमौर बने। वरना आने वाली पीढ़ी मुश्किल से विश्वास करेगी कि हमारे देश में कभी थ्यान चंद जैसा खिलाड़ी भी हुआ  करता था…जिन्हें हाकी का जादूगर कहकर पुकारा जाता था।
     समस्त देशवासियों की हार्दिक आशा-कामना है कि हम आगामी 2028 के लास एंजिलिस  (अमरीका) में होने वाले ओलिंपिक खेलों में ढेरों स्वर्ण पदक जीते उसमें हाकी खेल का स्वर्ण पदक भी जरूर शामिल हो। हाकी में अपनी खोई प्रतिष्ठा को फिर से प्राप्त करे….। हमारी अग्रिम शुभेच्छा यही है कि हमारी हॉकी टीम अवश्य अवश्य स्वर्ण पदक जीतकर लौटे।

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