नई दिल्ली, 3 अगस्त, 2026- महिन्द्रा युनिवर्सिटी ने हैदराबाद के बहादुरपल्ली में अपने कैंपस में आज अपना पांचवा दीक्षांत समारोह मनाया जिसमें इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, लॉ, मीडिया, डिजाइन एवं अन्य स्कूलों और अकादमिक कार्यक्रमों से स्नातक हुए विद्यार्थियों के साथ ही 22 पीएचडी छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इस समारोह में अकादमिक उत्कृष्टता और स्नातकों की पेशेवर यात्राओं में एक नए अध्याय की शुरुआत का जश्न मनाने के लिए विद्यार्थी, उनके माता पिता, शिक्षक, उद्योगपति और गणमान्य अतिथि शामिल हुए।
इस समारोह में बजाज ऑटो लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज मुख्य अतिथि और यूसी सैन डियेगो, अमेरिका के कुलाधिपति प्रदीप के खोसला विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इसकी अध्यक्षता महिन्द्रा युनिवर्सिटी के कुलाधिपति आनंद महिन्द्रा ने की और इस अवसर पर महिन्द्रा युनिवर्सिटी के कुलपति डाक्टर यजुलु मेदुरी, प्रबंधन बोर्ड के सदस्य, शिक्षक और अकादमिक लीडर्स उपस्थित रहे।
महिन्द्रा युनिवर्सिटी के कुलपति आनंद महिन्द्रा ने कहा, “2026 के बैच के लोग ऐसी दुनिया में बड़े हुए हैं जहां ‘जीवन में एक बार होने वाली घटनाएं’हर साल होती दिखती हैं। ऐसी दुनिया में आगे बढ़ने के लिए दो महाशक्तियों की जरूरत होती हैः असाधारण बदलाव के बीच खुद को ढालने की क्षमता और साथ ही आंतरिक शक्ति व जीवन के किसी बड़े मकसद का एहसास। महिन्द्रा युनिवर्सिटी में हम अनुकूलनशीलता और मानवीयता के इस मेल को बढ़ावा देना चाहते हैं। ये सब मिलकर वे महाशक्तियां हैं जिनकी इस पीढ़ी को भविष्य को आकार देने के लिए जरूरत होगी।”
इस समारोह के दौरान, 29 मेधावी विद्यार्यों ने अपने असाधारण अकादमिक प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त किए।
बजाज ऑटो लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज के मुताबिक, “व्यवसायिक मॉडलों की तुलना में प्रौद्योगिकी तेजी से विकसित हो रही है, प्रतिस्पर्धी लाभ इस बात पर कम निर्भर करता है कि आप क्या जानते हैं और इस बात पर अधिक निर्भर करता है कि आप कितनी जल्दी सीखते हैं, स्वयं को ढालते हैं और क्रियान्वयन करते हैं। गहराई, अनुशासन और स्वतंत्र निर्णय लेने का साहस विकसित करने से ही सफलता मिलेगी। मैं महिन्द्रा युनिवर्सिटी के स्नातकों को इस बात के लिए प्रोत्साहित करता हूं कि वे गुणवत्ता और नई चीजें जानने की उत्सुकता को लेकर अटूट प्रतिबद्धता बनाए रखें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके योगदान से समाज के लिए सार्थक और स्थायी मूल्य का सृजन हो।”
समारोह के प्रारंभ से पूर्व गणमान्य व्यक्तियों ने बजाज इंजीनियरिंग स्किल ट्रेनिंग (बेस्ट) सेंटर का उद्घाटन किया जो उद्योग-एकीकृत सीख को आगे बढ़ाने के लिए इस युनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।
यूसी सैन डियेगो, अमेरिका के कुलाधिपति प्रदीप के खोसला ने कहा, “आने वाले दशकों में मुख्य संस्थान ने नहीं होंगे जो सिर्फ बदलाव पर प्रतिक्रिया देंगे, बल्कि वे होंगे जो बदलाव को आकार देने में मदद करेंगे। विश्वविद्यालयों को विचारों, खोज और जिम्मेदार नेतृत्व का केंद्र बनना होगा जिनका प्रभाव कैंपस से कहीं आगे तक फैले। जब महिन्द्रा युनिवर्सिटी के स्नातक तेजी से जटिल होती दुनिया में कदम रखते हैं तो उन्हें अपने साथ मान्यताओं पर सवाल उठाने का आत्मविश्वास, सीखते रहने की विनम्रता और जीवन को बेहतर बनाने वाले समाधान तैयार करने का पक्का इरादा रखना चाहिए।”
दीक्षांत समारोह की कार्यवाही में स्नातकों को शपथ दिलाना और स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डॉक्टोरल प्रोग्राम्स के लिए औपचारिक रूप से डिग्रियां प्रदान करना भी शामिल था।
महिन्द्रा युनिवर्सिटी के कुलपति डाक्टर यजुलु मेदुरी ने कहा, “हमने एक ऐसा इकोसिस्टम बनाया है जिसमे अकादमिक गहराई, अलग अलग विषयों की पढ़ाई, अनुसंधान, नवप्रवर्तन और उद्योग के साथ जुड़ाव एक दूसरे को मजबूत करते हैं। हमारे स्नातक अनिश्चितता का सामना करने, नई तकनीकियों का जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने और समाज में सार्थक योगदान करने की क्षमता के साथ आगे बढ़ते हैं। जैसे जैसे यह युनिवर्सिटी अपने अकादमिक कार्यक्रम और अनुसंधान क्षमताओं का विस्तार कर रही है, हम ऐसे लीडर तैयार करने को प्रतिबद्ध हैं जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को पूरा करने के साथ साथ वैश्विक स्तर पर आत्मविश्वास के साथ मुकाबला करने में सक्षम हों।”
डाक्टर मेदुरी ने इस अवसर पर युनिवर्सिटी की वार्षिक रिपोर्ट भी पेश की जिसमें अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, वैश्विक गठबंधन और पिछले वर्ष में संस्थागत वृद्धि को रेखांकित किया गया है।