कवि शिक्षक सुनील कुमार खुराना को शरद पूर्णिमा पर ‘सर्वश्रेष्ठ रचनाकार’ सम्मान

नकुड़, सहारनपुर (उ.प्र.) 1 नवम्बर 2026। साहित्य क्षेत्र में सहारनपुर जनपद का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है। नकुड़ के प्रसिद्ध कवि और शिक्षक श्री सुनील कुमार खुराना को रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच, राजस्थान प्रदेश इकाई द्वारा आयोजित साप्ताहिक लेखन प्रतियोगिता में *”सर्वश्रेष्ठ रचनाकार” के सम्मान से अलंकृत किया गया है। प्रतियोगिता का विषय “शरद पूर्णिमा” था, जिसमें देश भर के अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं। निर्णायक मंडल द्वारा श्री सुनील कुमार खुराना की रचना को भाव, शिल्प और सांस्कृतिक चेतना के आधार पर सर्वोत्कृष्ट पाया गया। संस्था द्वारा जारी सम्मान-पत्र में कहा गया है कि शरद पूर्णिमा जैसे पावन विषय पर उत्कृष्ट काव्य सृजन हेतु उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है और संस्था उनके मंगलमय एवं सफल जीवन की कामना करती है। यह सम्मान-पत्र संस्था के शीर्ष पदाधिकारियों – संस्थापक डॉ. शिव नाथ सिंह ‘शिव’, केंद्रीय प्रभारी डॉ. राम मनोहर लाल, संरक्षिका मीना रावलानी, प्रदेश अध्यक्षा डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’ और उपाध्यक्ष डॉ. शरिफ खान द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया है। संस्था का ध्येय वाक्य “साहित्य से संवेदना, संवेदना से समाज” है, जिसे श्री सुनील कुमार खुराना अपनी लेखनी से सार्थक कर रहे हैं।
आपकों विदित है कि श्री सुनील कुमार खुराना की लेखनी “मेरी कलम ही मेरा संस्कार है” के भाव को जीती है। वे लगातार करवाचौथ, शरद पूर्णिमा जैसे भारतीय पर्वों पर अपनी रचनाओं से संस्कृति को संरक्षित कर रहे हैं। इससे पूर्व भी उनकी रचनाएँ नवाक्षर जैसी ई-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। इस उपलब्धि पर क्षेत्र के शिक्षकों, साहित्यकारों और शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए इसे नकुड़ क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है।

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