जिला कांग्रेस की पहल लाई रंग – पज्जन भैया

छतरपुर। सहकारिता चुनाव के प्रथम चरण में हुई व्यापक धांधली उजागर हो गयी है। शासन स्तर पर हुई जांच के उपरांत जो तथ्य निकलकर आए उससे साफ जाहिर है कि सहकारिता चुनाव भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े है। इन चुनावों पर कांग्रेस द्वारा शुरूआत से ही धांधली के आरोप लगाए जा रहे है। जिला कांग्रेस के प्रमुख दिग्गज नेता आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया, राजनगर विधायक विक्रम सिंह नातीराजा, पूर्व विधायक शंकर प्रताप सिंह मुन्ना राजा, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश शुक्ला सहित सभी नेताओं ने एकजुट होकर सहकारिता चुनाव में हुई धांधली के विरूद्ध जिला मुख्यालय स्थित छत्रसाल चौराहे पर जोरदार आंदोलन किया था। आंदोलन की अगुवाई करते हुए पज्जन भैया ने कहा था कि सहकारिता चुनाव में हुई धांधली की यदि निष्पक्ष जांच की गयी तो पूरे जिले में किसी भी सोसायटी का ताला नहीं खुलने दिया जाएगा। आंदोलन स्थल पर विधायक नातीराजा, मुन्ना राजा, जगदीश शुक्ला, कांग्र्रेस अध्यक्ष मनोज त्रिवेदी,महासचिव अनीस खान, आदित्य सिंह, मो. करीम, शिवानी चौरसिया सहित दर्जनों कांग्रेसियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए हजारों की तादाद में एकत्रित होकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में साफ उल्लेख किया गया था कि जिले भर में सहकारिता के चुनाव में व्यापक भ्रष्टाचार हो रहा है। लाखोंं रूपए की बसूली करके सहकारिता विभाग के उप पंजीयक बी.एस. कोठारी एवं उनके मातहत कर्मचारियों ने घर बैठकर ही प्रथम चरण के चुनाव सम्पन्न करा लिए है। सोसायटियों में अन्य किसी भी प्रत्याशी के आवेदन तक नहीं लिए गए और सीधे निर्वाचित पदाधिकारियों की सूची चस्पा कर दी गयी। जिला कांग्रेस के उक्त ज्ञापन को कलेक्टर ने शासन के समक्ष भेजा। चुनाव में धांधली की शिकायतों को सहकारिता आयुक्त ने गंभीरता से लिया और एक जांच दल छतरपुर भेजा। जांच दल ने छतरपुर आकर विधिवत जांच प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट आयुक्त को सौंपी। जांच दल ने पाया कि प्रथम चरण के चुनाव में पंजीयक एवं अन्य सहकारिता कर्मचारियों ने भारी गड़बड़ी की है। भ्रष्टाचार के भी अनेक मामले पहुंचे है। सहकारिता आयुक्त ने जांच दल की रिपोर्ट पर त्वरित कार्यवाही करते हुए छतरपुर के सहकारिता पंजीयक बी.एस. कोठारी तथा लेखापाल यू.एस. सिद्दीकी को तत्काल निलंबित का दिया तथा अन्य कर्मचारियों की लिप्तता की जांच की जा रही है। द्वितीय एवं तृतीय चरण के चुनाव पहले ही स्थिगित कर दिए गए है। सहकारिता चुनाव में हुई गड़बड़ी उजागर तथा निष्पक्ष जांच कराने पर जिला कांग्रेस कमेटी छतरपुर ने सहकारिता आयुक्त की सराहना की है।

न्यायाधीश डी.के. पालीवाल की अदालत ने सुनाया फैसला

छतरपुर। न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री डी.के. पालीवाल की अदालत ने रिश्वत के मामले में आरोपी एएसआई को धारा 13(2)/ 13 (1) (डी) पीसीएक्ट में 2 वर्ष के कठोर कारावास 5 हजार रूपए जुर्माना और धारा 7 में 1 साल के कठोर कारावास के साथ 5 साल के जुर्माना की सजा सुनाई। एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि दिनांक 26 जुलाई 2011 को फरियादी इमलिया निवासी कृषक लखन लाल राजपूत ने लोकायुक्त सागर एसपी को लिखित शिकायत की थी कि उसके विरूद्ध थाना हरपालपुर में एक जमानती अपराध क्रमांक 78/11 धारा 323, 294, 506वी आईपीसी के तहत दर्ज है जिसमें उसकी जमानत भरने के लिए थाना हरपालपुर के एएसआई नंदराम अहिरवार द्वारा एक हजार रूपए रिश्वत के रूप में उससे मांगे जा रहे है। उक्त शिकायत पर लोकायुक्त की टीम ने कार्यवाही करते हुए दिनांक 29 जुलाई 2011 को थाना हरपालपुर थाना के शासकीय आवास जिसमें नंदराम अहिरवार रहता था में फरियादी लखन लाल राजपूत से एक हजार रूपए रिश्वत लेेते हुए एएसआई नंदराम को रंगे हांथों पकड़ा था। नंदराम के खिलाफ निरीक्षक आर.एस. भदौरिया लोकायुक्त पुलिस ने मामला दर्ज कर न्यायालय को सुपुर्द किया। करीब 9 माह तक उक्त मामले का विचारण न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री डी.के. पालीबाल की अदालत में किया गया जिसमें अंतिम सुनवाई करते हुए न्यायाधीश श्री पालीबाल ने आरोपी एएसआई नंदराम अहिरवार को उक्त अपराध का दोषी पाते हुए धारा 13(2)/ 13 (1) (डी) पीसीएक्ट में 2 वर्ष के कठोर कारावास 5 हजार रूपए जुर्माना और धारा 7 में 1 साल के कठोर कारावास के साथ 5 साल के जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना की राशि अदा न करने पर दोनों धाराओं में 3-3 माह का अतिरिक्त कारवास भुगताया जावेगा। अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक धीरेंद्र नायक द्वारा की गयी।

– संतोष गैंगेले

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