मुस्लिमों ने पसंद की विश्वरूप, इस्लाम के अपमान जैसा कुछ नहीं

चर्चा में आई कमल हासन की फिल्म ‘विश्वरूप’ को भले ही मुंबई समेत पूरे उत्तर भारत में सराहा गया हो लेकिन तमिलनाडु में अभी भी फिल्म को हरी झंडी नहीं मिली है। आज तमिलनाडु में राज्य सरकार के साथ फिल्म पर चर्चा की जाएगी। जिसमें कमल हासन के मौजूद रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि देश के बाकी हिस्सों में फिल्म को काफी सराहना मिली है। यहां तक की लखनऊ में मुस्लिम दर्शकों ने भी फिल्म को पसंद किया है।

फिल्म देखने के बाद तमाम दर्शक इस बात से हैरान होते रहे कि फिल्म में आखिर ऐसा क्या है जिस पर लोग आपत्ति जताकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जम्मू में कई मुस्लिम दर्शकों ने माना कि कमल हासन ने तो फिल्म के माध्यम से भारतीय मुस्लिम समुदाय का गौरव बढ़ाने का कार्य किया है नाकि इस्लाम का अपमान किया है। कानपुर से भी कुछ ऐसे ही सुर निकलते हुए सुनाई दिए।

गौरतलब है कि शुक्रवार को विवादों के बीच फिल्म रिलीज होने के बाद कुछ मुस्लिम दर्शकों ने कहा कि फिल्म में आपत्तिजनक कुछ भी नहीं है। बल्कि फिल्म तो आतंकवाद की सच्ची तस्वीर दर्शा रही है। अहमदाबाद में फिल्म देखकर निकले शोएब व रुबीना का कहना है कि विरोध बेमतलब है, फिल्म में कुछ भी गलत नहीं दिखाया गया। जबकि जयपुर में सर्व मुस्लिम बिरादरी महासभा के प्रदेशाध्यक्ष महमूद खान ने आह्वान किया कि राजस्थान के सभी मुस्लिम फिल्म के समर्थन में आगे आएं।

जम्मू में फिल्म ‘विश्वरूप’ इंदिरा ओडी-1, 2 और हरि थियेटर में रिलीज हुई है। इन थिएटरों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात था। न तो फिल्म शुरू होने से पहले किसी ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त की और न ही देखने के बाद किसी में रोष दिखा। उल्टे कुछ मुस्लिम युवाओं ने इसकी सराहना की। कश्मीर निवासी शेख मुनीब ने जरूर कहा कि फिल्म में कुछ दृश्य देखकर लगता है कि ऐसा नहीं हो सकता। खासकर एक दृश्य जिसमें परिवार के बच्चे, बूढ़े, औरतें सभी बंदूकें लेकर बाहर आ जाते हैं। ये लोग हालांकि अफगानिस्तान के हैं लेकिन लगता नहीं है कि वहां ऐसा होता होगा। गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट आदि शहरों के 50 से अधिक मल्टीप्लेक्स व सिनेमा घरों में फिल्म को दिखाई जा रही है।

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