अलगाववादियों को मिलेगी जेड श्रेणी की सुरक्षा

कश्मीर मुद्दे पर बदलते राजनीतिक परिदृश्य और सुधरते हालात के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने भारत विरोधी एजेंडे पर सियासत करने वाले कश्मीरी अलगाववादियों की सुरक्षा और चाक-चौबंद करने की कवायद शुरू कर दी है।

एजेंसियों को सूचना मिली है कि कश्मीर के हालात बिगाड़ने के लिए आतंकी इन नेताओं की हत्या की साजिश रच रहे हैं। यह बात दीगर है कि अलगाववादी नेता इन्हीं आतंकियों का समर्थन करते हैं।

हालांकि, राज्य गृह विभाग समेत पूरा प्रशासन अलगाववादियों की सुरक्षा बढ़ाने पर कुछ कहने से बच रहा है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारी जायजा लेने के लिए अलगाववादी नेताओं के आवास और कार्यालयों का दौरा कर चुके हैं। अफसरों के मुताबिक, खुफिया तंत्र की सूचनाओं पर ही अलगाववादी खेमे की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है। हुर्रियत के सभी प्रमुख नेताओं को जेड श्रेणी की सुरक्षा में रखे जाने का प्रस्ताव है, क्योंकि आतंकी संगठन व उनके समर्थक सियासी नेताओं की हत्या की फिराक में हैं। ऐसा करके वह कश्मीर मुद्दे पर हुर्रियत नेताओं और केंद्र के बीच बने वार्ता के माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं। दूसरे, पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराकर कश्मीर के लोगों को 2008 व 2010 की तरह सड़कों पर लाना चाहते हैं।

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