27वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के स्वागत में सज संवर कर तैयार है। मेले का शुक्रवार को आगाज हो गया, मगर शनिवार दो फरवरी को राष्ट्रपति विधिवत उद्घाटन करेंगे। इस बार सूरजकुंड अलग नारा दिया गया है। सूरजकुंड मेले में इस बार दैनिक जागरण बतौर मीडिया पार्टनर शिरकत कर रहा है।
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए शुक्रवार को थीम स्टेट कर्नाटक के कलाकारों सहित अन्य प्रदेशों से आए कलाकारों ने जोरदार रिहर्सल की। कर्नाटक के कलाकार रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए आज कर्नाटक के सैकड़ों कलाकारों ने अपनी जोरदार रिहर्सल की, जिसकी अगुवाई कर्नाटक से कला और संस्कृति के क्षेत्र से नामित राज्य सभा सांसद डा. बी. जयश्री ने की। कर्नाटक के इक्सादिगुला टीम के कलाकार नागराज ने कहा कि उनके ये काफी हर्ष व गर्व की बात है कि वे अपनी प्रस्तुति सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले के माध्यम से देश के राष्ट्रपति के सम्मुख करने जा रहे हैं।
मेले में कर्नाटक की सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत को बहुत ही खूबसूरत तरीके से प्रदर्शित किया गया है। मैसूर पैलेस के शानदार प्रवेश द्वार, बेलूर व हम्पी की स्थापत्य अनुकृतियां जैन बसादिस और बीजापुर के विश्व प्रसिद्ध स्मारकों की प्रतिकृतियां दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं।
डीजीपी ने लिया सुरक्षा प्रबंधों का जायजा :
राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक एसएन वशिष्ठ ने मेला परिसर में सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। इसके अलावा उनके साथ हरियाणा पर्यटन निगम के एमडी आनंद मोहन शरण व जिला उपायुक्त बलराज सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को दिशानिर्देश भी दिए। सुरक्षा के मद्देनजर हरियाणा पुलिस के स्वैट के जवानों आधुनिक हथियारों सहित मेला परिसर में गश्त की। शनिवार को मेला आम लोगों के लिए एक बजे के बाद खोला जाएगा।
जिला उपायुक्त ने लगाई धारा 144 :
एक से 15 फरवरी 2013 तक चलने वाले सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला के दौरान मेला परिसर में किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी प्रकार का घातक हथियार लेकर चलने पर जिला उपायुक्त बलराज सिंह ने तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। जिलाधीश बलराज सिंह ने ये आदेश आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत उन्हें प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं।
आदेशानुसार मेला परिसर में किसी भी व्यक्ति द्वारा अपने साथ किसी प्रकार के शस्त्र, तलवार, लाठी, बरछा, कुल्हाड़ी, जेली, चाकू अथवा अन्य किसी भी तरह के घातक हथियार लेकर चलने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। ये आदेश पुलिस सुरक्षा कर्मियों अथवा अन्य निजी सुरक्षा कर्मियों पर लागू नहीं होंगे। आदेशों की अवहेलना करने पर दोषियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
