भारत की सुरक्षा में सबसे बड़ी सेंध, चीन ने चुराई हजारों फाइलें

Pritavi 2013-3-13नई दिल्ली। चीनी घुसपैठियों ने भारत की सुरक्षा में अब तक का सबसे बड़ा सेंध लगाते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन [डीआरडीओ] की सुरक्षा से जुड़ी केबिनेट समिति की हजारों फाइलों को लीक कर दिया है। मुंबई के एक अंग्रेजी अखबार ने दावा किया है कि डीआरडीओ के कई कंप्यूटरों को हैक कर सुरक्षा व मिसाइल कार्यक्रमों से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों को चीनी शहर ग्वांगदोंग में एक सर्वर पर अपलोड किया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सुरक्षा प्रणाली की यह अब तक की सबसे बड़ी सेंध है। पिछले एक साल से चीन से की जा रही सेंध के बारे में पहली जानकारी इस माह के पहले हफ्ते में उस समय हुई जब भारत की तकनीकी खुफिया विंग नेशनल टेक्निकल रिसर्च आर्गेनाइजेशन [एनटीआरओ] के अधिकारी निजी भारतीय साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ काम कर रहे थे और आर्मी साइबर पॉलिसी नाम की एक फाइल खोली तो उसमें छेड़छाड़ किए जाने की जानकारी मिली। रिपोर्ट के अनुसार यह फाइल वरिष्ठ डीआरडीओ अधिकारी को आर्मी साइबर पॉलिसी नामक फाइल अटैच करके एक ई-मेल भेजा गया था जिसे खोलते ही अकाउंट हैक हो गया और यह महज कुछ सेकेंड में पूरे सिस्टम में फैल गया। हैकरों ने रक्षा मामलों में फैसले लेने वाली कैबिनेट समिति की हजारों फाइलों के अलावा मिसाइल विकास और रडार प्रोग्राम से जुड़ीं बेहद गोपनीय जानकारियां व डीआरडीओ के हैदराबाद स्थित लैब की फाइलों को चुराया है। हैकरों के सर्वर पर डीआरडीओ के एक वैज्ञानिक का एक ई-टिकट भी मिला जिससे उन्होंने फरवरी में दिल्ली का सफर तय किया था। साथ ही एक अन्य फाइल भी मिला है जिसमें फ्रांस की मिसाइल बनाने वाली कंपनी एमबीडीए से लेन-देन के बारे बातचीत की जानकारी दर्ज है।

सेंध के बारे में जानकारी होने के बाद भारतीय सुरक्षा विशेषज्ञ इसके मुख्य स्रोत को ढूंढने में जुट गए और उन्होंने यह पता लगा लिया कि यह फाइलें कहां से हैक की गई है। पहली बार उन्हें पता चला कि सभी संवदेनशील फाइलें एक ही सिस्टम से चुराई गई हैं और इसे चीन के प्रांत ग्वांगदोंग में अपलोड किया गया है। हालांकि भारतीय खुफिया विंग अब तक इस सेंध के बारे में एक अंश भी पता नहीं लगा सकी है।

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