नोएडा: रिहा हुए सीईओ की कहानी उनकी जुबानी

Ceo officerनोएडा। अपहर्ताओं के चंगुल से छूटने के बाद शुक्रवार की स्याह रात को याद करते हुए फ्रांस की कंपनी के सीईओ रथिन बसु नोएडा पुलिस को शुक्रिया कहते हैं। दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुझे नई जिंदगी दी है। नोएडा व मेरठ की पुलिस ने बेहतर काम किया है।

उन्होंने बताया कि ऑफिस से घर के लिए निकला और पत्नी के साथ डिनर पर जाना था। बमुश्किल आधे घंटे में मैं घर पहुंच जाता, लेकिन सेक्टर-71 चौराहे पर बदमाशों ने मुझे अगवा कर लिया। आठ घंटे तक तो मुझे कुछ समझ में नहीं आया। जिंदगी व मौत के बीच झूलता रहा। उन्होंने बताया कि मैं अपनी पत्नी से हमेशा बंगाली में बात करता हूं और कंपनी के लोगों से अंग्रेजी में।

अपहरण के बाद जब दोनों लोगों से हिंदी में बात की और मेरे वाइस प्रेसिडेंट ने परेशानी की बात समझ ली। इसके बाद पुलिस को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने उनसे कोई बदतमीजी नहीं की और न ही खाने के लिए कुछ दिया। अपहरण के बाद मेरे पास इतने फोन आने लगे कि बदमाश परेशान हो गए, लेकिन उन्होंने मेरा फोन बंद नहीं कराया।

सीईओ ने बताया कि रात के दो बजे जब मैं अपहर्ताओं के गिरफ्त में था तब एसएसपी मेरठ ने मुझे फोन किया और हालचाल पूछा। बदमाशों ने जब बात सुन ली तो मेरे से पूछने लगे कि पुलिस को कैसे पता चला। इसके बाद उन्होंने मेरा मोबाइल बंद कर दिया।

एसएसपी की बात सुनने के बाद बदमाश बेचैन हो गए। लगभग चार बजे बदमाशों ने सीईओ से माफी मांगी और कहा कि हाईवे पर आपको छोड़ दूंगा। इसके बाद तो कुछ देर में ही वहां पुलिस आ गई और अपहरणकर्ताओं को पकड़ लिया।

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