नई दिल्ली । करावल नगर इलाके में प्लॉट पर कब्जे को लेकर जमकर बवाल हुआ। हमलावरों ने पीड़ित पक्ष के साथ-साथ पीसीआर कर्मियों पर भी हमला बोल दिया और एक हवलदार की बेरहमी से पिटाई की। यही नहीं, हमलावरों ने अपने दो खतरनाक कुत्ते पीड़ित पक्ष और पुलिसकर्मियों पर छोड़ दिए। एक व्यक्ति को कुत्ते ने काट लिया। बवाल के दौरान ही पुलिसकर्मी मौके से खिसक लिए। हालांकि पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और दंगा सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा, उसकी पत्नी और बेटे राजेश को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बिल्डिंग मैटेरियल व्यवसायी और इंद्रा एंक्लेव, लोनी निवासी ओम सिंह मलिक ने मनोज सिंहल व सुशील गर्ग के साथ टुंडा नगर, जौहरीपुर में 300 गज का प्लॉट खरीदा था। जिस पर स्थानीय निवासी सुभाष चंद शर्मा ने जनवरी में कब्जा कर लिया था। इस पर मलिक ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने शर्मा व परिवार के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। कुछ दिनों बाद वे जमानत पर बाहर आ गए। इसके बाद उन्होंने प्लॉट पर फिर कब्जा करने की कोशिश की।
गत गुरुवार दोपहर में मलिक चौकीदार अजय को प्लॉट की देखरेख के लिए छोड़ आए थे। कुछ देर बाद शर्मा चौकीदार को वहां से भगाने लगे। जानकारी मिलते ही मलिक प्रमोद गुप्ता, अनिल कुमार और राहुल शर्मा के साथ प्लॉट पर पहुंचे। वहां पीसीआर वैन पहले से थी। पुलिस की मौजूदगी में सुभाष चंद शर्मा ने बेटों शेखर व राजेश, पत्नी और दो बेटियों के साथ मलिक व उनके साथियों पर हमला बोल दिया। इसी बीच पुलिस और शिकायतकर्ता परिवार पर हमलावरों ने दो खतरनाक कुत्ते छोड़ दिए। एक कुत्ते ने ओम सिंह को काट लिया। हवलदार भुवनेश्वर ने किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन वह हमलावरों से घिर गए। हमलावरों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद शर्मा परिवार ने घर की छत पर जाकर पथराव किया। काफी देर तक बवाल होता रहा। बवाल के बीच ही पीसीआर कर्मी खिसक लिए। बाद में वहां काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हमलावरों ने मलिक की मोटरसाइकिल भी तोड़ दी। मलिक का आरोप है कि मारपीट के दौरान किसी ने उनकी जेब से 19,600 रुपये और मोबाइल फोन निकाल लिया। ओम सिंह, अनिल, भुवनेश्वर और प्रमोद को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद उन्हें शुक्रवार को छुट्टी दे दी गई। शर्मा परिवार के सदस्यों को भी चोट आई है।
उत्तर पूर्वी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त धीरज कुमार का कहना है कि पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने नहीं आई है। उन्होंने हालात नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की। पुलिस की तत्परता से मुख्य आरोपी सहित कुछ हमलावर पकड़े गए।