नई दिल्ली। संजय गांधी ने अपनी सफलता के लिए हर वो दांव-पेंच आजमाये जो उन्हें जरूरी लगा। इमरजेंसी के दौरान उन्होंने यूथ कांग्रेस पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ‘सोवियत समर्थक’ कांग्रेस सांसद प्रियरंजन दासमुंशी को यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाया था।
विकीलीक्स ने एक अमेरिकी केबल के हवाले से कहा है कि संजय गांधी ने वामपंथी विचार वाले दासमुंशी को ‘ठिकाने’ लगाने के लिए कांग्रेसी मुख्यमंत्री बंसीलाल, हेमवती नंदन बहुगुणा और पीसी सेठी का इस्तेमाल किया। दासमुंशी ने इस्तीफे से पहले अपने आप को बचाने के लिए इंदिरा गांधी से मुलाकात भी की लेकिन उन्हें वहां से कोई आश्वासन नहीं मिला और संजय अपनी मंशा में सफल रहे।
केबल के अनुसार, इमरजेंसी के दौरान यूथ कांग्रेस पर नियंत्रण करना संजय गांधी की योजना का अहम हिस्सा था। अंतत: 5 दिसंबर 1975 को दासमुंशी ने इस्तीफा दे दिया लेकिन खबर को कई दिनों तक दबाए रखा गया। बाद में कांग्रेस महासचिव पीवी नरसिंहाराव ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में संजय की विश्वस्त अंबिका सोनी के नाम का एलान कर दिया।