पटना। हो सकता है यह अपराधबोध हो या परिवार की तबाही टालने की कोशिश। शुक्रवार को पुलिस थाने पहुंची बेटी के साथ रेप का आरोप लगाने वाली पत्नी रविवार को अपनी बात से न केवल पलट गई बल्कि जेल भेजे जा चुके पति से मिलने के लिए तड़पती सी दिखी। हालांकि बेटी के मन में नफरत का लावा है। वह पिता का चेहरा तक नहीं देखना चाहती है। बेटी से रेप के आरोपी सीनियर डिप्टी कलक्टर मामले में नया मोड़ आ गया है। पत्नी अब हर हाल में पति को जेल से छुड़ाने पर आमादा है। उसका कहना है- मैने अपनी आंख से कुछ नहीं देखा था। बेटी की जिद पर थाने गई थी। मैं बीमार रहती हूं, दवा खाती हूं। मैं इस मामले में केस नहीं करना चाहती थी । सोचा था काउंसिलिंग करके पुलिस उनको (अखिलेश कुमार सिंह) समझा देगी। पुलिस ने इतनी जल्दी सब कुछ कर दिया, कुछ समझ में ही नहीं आया।
इधर, महिला थाना व फोरेंसिक की टीम ने रविवार को घटनास्थल की जांच की। मौके पर मोबाइल के कुछ चिप बरामद हुए हैं। अपार्टमेंट में रहने वाले पड़ोसियों से पूछताछ कर अफसर के चरित्र के बारे में जानकारी हासिल की गई है।
शारीरिक संबंध तो बने, पर किससे?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक संबंध तो बनाए गए हैं, पर किसने बनाये? यह जांच के दायरे में है। पुलिस ने उस नौकर से भी पूछताछ की है, जो पांच साल से घर में काम करता है। लगभग 18-19 साल के नौकर से विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की गई है। हालांकि पुलिस अभी कुछ बताने के मूड में नहीं है। बस एक ही बात – विभिन्न बिंदुओं पर जांच जारी है।
17 साल काटे हैं उनके साथ
पत्नी के मन में अब जन्म-जन्म का साथ है वाली बात उमड़ने- घुमड़ने लगी है। आरोपी अफसर के घर सन्नाटा पसरा है। घर में पत्नी के साथ उसकी बेटी और छोटा बेटा मौजूद था। सब कुछ तितर-बितर। पति को जेल भिजवा देने का पछतावा पत्नी की आंखों में डबडबा रहा था। कहती हैं- मेरे सिर में दर्द रहता है, दवा खाती हूं। केस करने से कोई फायदा नहीं है। हमने तो पुलिस से उनको समझाने की बात कही थी, पुलिस ने जेल भेज दिया। सचिवालय थाने में वे रो रहे थे, मैं भी रो रही थी। हम दोनों को पुलिस ने मिलने नहीं दिया। खाना लेकर गई थी, वह भी नहीं देने दिया। मैंने दो दिन से कुछ नहीं खाया है। वह कैसे छूटेंगे? मेरा तो कोई मददगार भी नहीं है, उनसे जेल में कैसे मिलूं? 17 साल उनके साथ काटे हैं, हमने तो कंप्रोमाइज को बोला था, पुलिस ही तैयार नहीं हुई। वह कांप रही थी और लगातार बोले जा रही थी। उसने अपनी कई समस्याएं गिनाईं। एक सवाल के जवाब में कहा – मैंने अपनी बेटी के साथ गलत हरकत अपनी आंख से नहीं देखी थी। बेटी ने बताया और जब यह कहा कि रिपोर्ट नहीं करोगी, तो घर छोड़ कर चली जाऊंगी, तब उसी की जिद पर थाना चली गई।
अब तो नौकर भी नहीं है
वह बताती हैं – उन्होंने नौकर रखा था। वह रहता तो बच्चों को उसके सहारे छोड़ कर चली जाती। दो दिन से नौकर भी नहीं आया है। वह होता तो बच्चों को उसके सहारे छोड़ जाती। वह कहती है- बहुत बुरा लग रहा है। बच्चा स्कूल नहीं गया है।
पापा घर नहीं आएंगे
पति के प्रति पत्नी का मन तो पिघलता दिखा, पर बेटी किसी भी कीमत पर पिता को घर वापस न आने देने की जिद पर अड़ी है। बातचीत के दौरान सामने आई बच्ची ने कहा – नहीं, पापा घर नहीं आएंगे, फिर पीटेंगे। पहले मुझे हास्टल में रख दो, फिर उनको घर लाना।
कहीं कुछ गड़बड़ न हो जाए
पत्नी व बेटी द्वारा रेप का आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस गिरफ्त में आए सीनियर डिप्टी कलक्टर की धमकी महकमे को आशंकित किए है। सूत्र बताते हैं कि कस्टडी में आने के बाद अफसर एक ही रट लगाए था – किसी को नहीं छोड़ूंगा। यह वाक्य कई प्रकार के संदेह पैदा कर रहा है। महकमे के एक अफसर का कहना है कि उसका गुस्सा पुलिस पर ही था। कहीं ऐसा न हो कि जेल से छूटने के बाद वह कोई ऐसा कदम उठा ले, जो गंभीर हो।