नई दिल्ली। अपनी चुनावी रणनीति के लिहाज से सबसे अहम माने जा रहे संसद सत्र में पहले दिन से ही संप्रग सरकार के पसीने छूटना तय है। दिल्ली में पांच वर्ष की बच्ची के साथ घृणित कृत्य और इस मसले पर पुलिस के असंवेदनशील रवैये के साथ-साथ जेपीसी की रपट पर सदन चलाने में सरकार को खासी मशक्कत करनी होगी। वित्त विधेयक तो सरकार सदन से निकाल ले जाएगी, लेकिन खाद्य सुरक्षा और जमीन अधिग्रहण जैसे अहम तमाम विधेयकों को इस सियासी माहौल में पारित करा पाना सरकार के लिए जहां मुश्किल होगा, वहीं विपक्ष पर भी दबाव होगा।
सोमवार यानी 22 अप्रैल से 10 मई तक चलने वाले संसद के बजट सत्र के दूसरे भाग में सरकार के पास बहुत ज्यादा वक्त पहले ही नहीं है। दिल्ली में जिस तरह से बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला गरमाया हुआ है, उससे पहले दिन तो सदन चलना बेहद मुश्किल लग रहा है। खासतौर से इस मसले पर दिल्ली पुलिस के रवैये पर सभी राजनीतिक दलों में आक्रोश है। खुद दिल्ली की कांग्रेस सरकार और उसके मंत्री दिल्ली के पुलिस आयुक्त और केंद्रीय गृह मंत्रालय से खासे खफा हैं। जिस तरह का माहौल है, उससे सरकार के प्रबंधक भी मान रहे हैं कि पहले दिन तो इस मुद्दे पर सदन चलना मुश्किल होगा।
इससे भी ज्यादा पेंच 2जी पर संयुक्त संसदीय समिति [जेपीसी] की विवादास्पद रिपोर्ट और उसके पहले लीक होने के मुद्दे को लेकर है। जेपीसी ने 2जी घोटाले का सारा ठीकरा पूर्व संचार मंत्री ए राजा पर फोड़कर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम को पाक-साफ करार दिया है। इस पर संप्रग का घटक रहा द्रमुक ही नाराज है। इतना ही नहीं, जेपीसी ने 2जी घोटाले में पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के शिखर पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी समेत अन्य नेताओं जसवंत सिंह व अरुण शौरी को भी लपेट लिया है।
भाजपा इससे बेहद आक्रामक है। उसने जेपीसी की रिपोर्ट और उसके बाद उसके लीक होने पर सवाल उठाकर कड़े तेवर अपनाने के संकेत दिए हैं। वामपंथी दल भी इस रिपोर्ट के औचित्य पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष के कड़े रुख को देखते हुए सरकार के खाद्य सुरक्षा, भू अधिग्रहण और लोकपाल जैसे विधेयकों को पारित कराना बहुत आसान नहीं होगा। हालांकि, सरकार के प्रबंधकों का कहना है कि जनहित से जुड़े इन विधेयकों पर विपक्ष को सहयोग करना चाहिए। जाहिर है कि यदि विपक्ष सदन की कार्यवाही रोकता है तो सरकार ने भी ये विधेयक पारित न होने का ठीकरा उन पर फोड़ने की जमीन तैयार करना शुरू कर दिया है।